Korba Farmer Suicide Attempt: धान टोकन के लिए भटक रहे किसान ने पीया जहर, अस्पताल में भर्ती; सांसद ज्योत्सना महंत ने सरकार को घेरा

Korba Farmer Suicide Attempt: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से परेशान एक 40 वर्षीय किसान सुमेर सिंह गोड़ ने कीटनाशक (पेस्टीसाइड) पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और वर्तमान में उनका इलाज जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

क्या है पूरा मामला?

कोरबी निवासी सुमेर सिंह ने लगभग 3 एकड़ 75 डेसिमल जमीन पर खेती की थी। वे अपना 68 क्विंटल धान बेचने के लिए पिछले डेढ़ महीने से टोकन प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन न होने और तकनीकी जटिलताओं के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुमेर सिंह ने पटवारी, तहसीलदार कार्यालय और यहाँ तक कि ‘जनदर्शन’ में भी गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कहीं से मदद नहीं मिली। इसी बेबसी और मानसिक तनाव में आकर उन्होंने रविवार रात करीब 1 बजे घर में रखा कीटनाशक पी लिया। उनकी पत्नी मुकुंदा बाई ने उन्हें तड़पता देख पड़ोसियों की मदद से अस्पताल पहुँचाया।

सांसद ने साधा निशाना

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सांसद ज्योत्सना महंत अस्पताल पहुँचीं और किसान का हालचाल जाना। उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “एक आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी किसान जहर खाने को मजबूर हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में अन्नदाता सुरक्षित नहीं है और टोकन वितरण में भारी अव्यवस्था व्याप्त है।

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