लोकार्पण के एक महीने बाद ही धंसा कन्वेंशन सेंटर, निर्माण में भ्रष्टाचार की खुली पोल
कोरबा। शहर में हाल ही में 17 करोड़ रुपये की लागत से बने देवी अहिल्याबाई होलकर कन्वेंशन सेंटर की फॉल सीलिंग शुक्रवार को अचानक भरभराकर गिर गई। सौभाग्य से इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लोकार्पण के महज एक महीने के भीतर ही छत की सीलिंग गिरने की घटना ने ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की पोल खोल दी है।
मुख्यमंत्री ने किया था लोकार्पण, अब निर्माण पर सवाल
बता दें कि इस कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण करीब एक महीने पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों हुआ था। इस दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव भी मौजूद थे। इतने बड़े स्तर के उद्घाटन समारोह के बाद भवन की हालत इस तरह चरमरा जाए, यह घटना न सिर्फ तकनीकी खामियों को उजागर करती है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी ओर इशारा करती है।
घटिया निर्माण सामग्री का आरोप, भ्रष्टाचार की बू
सीलिंग गिरने की घटना के बाद शहरभर में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 17 करोड़ की लागत से बने इस भवन में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि कहीं लोकार्पण की जल्दबाजी में निर्माण कार्य को जल्दबाजी में निपटा तो नहीं दिया गया? विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया होता तो ऐसी घटना संभव नहीं थी।
डीएमएफ की राशि से हुआ निर्माण, अब उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, इस कन्वेंशन सेंटर का निर्माण जिला खनिज निधि (DMF) की राशि से किया गया था। इसके निर्माण में पहले ही काफी समय लगा और देरी के चलते कई बार सवाल उठ चुके थे। अब जब भवन तैयार हुआ, तो एक महीने के भीतर ही उसकी छत गिर गई, जिससे पूरे परियोजना की पारदर्शिता और उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में
इस घटना ने जिला प्रशासन और निर्माण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता यह जानना चाहती है कि निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान क्या मानकों की जांच नहीं की गई? क्या अधिकारियों की शह पर ठेकेदार ने निर्माण में मनमानी की और गुणवत्ता से समझौता किया गया?
कलेक्टर का बयान – सुधार और जांच के निर्देश देंगे
इस पूरे मामले पर कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा है कि संबंधित विभाग को सुधार और जांच के लिए निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएंगे।
