जी-7 से पहले खालिस्तान समर्थकों ने पीएम मोदी को दी धमकी, पत्रकार का बड़ा खुलासा
कनाडा में आयोजित होने वाली आगामी G7 समिट से पहले खालिस्तानी आतंकियों ने एक बार फिर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। कनाडा के खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि खालिस्तानी समर्थकों ने वैंकूवर में आयोजित एक साप्ताहिक रैली के दौरान न सिर्फ उन्हें घेर लिया बल्कि उनके साथ मारपीट की, फोन छीन लिया और गला दबाने की भी कोशिश की। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब पीएम मोदी के 17 जून को G7 समिट के लिए कनाडा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
पत्रकार मोचा बेजिरगान पर हमला
पत्रकार मोचा बेजिरगान जो लंबे समय से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में खालिस्तानी गतिविधियों को कवर कर रहे हैं, ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि यह हमला वैंकूवर की एक खालिस्तानी रैली को कवर करने के दौरान हुआ। बेजिरगान के मुताबिक, “मेरे साथ गुंडों जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने मुझे घेर लिया, मेरा फोन छीन लिया और रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की। मेरा गला दबाने की कोशिश भी की गई। मैं अभी भी सदमे में हूं।”
इंदिरा गांधी की हत्या को बताया ‘गौरवशाली विरासत’
बेजिरगान ने बताया कि रैली में खालिस्तानी समर्थक पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का जश्न मना रहे थे और दावा कर रहे थे कि वे उन्हीं के हत्यारों की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब मैंने उनसे पूछा कि क्या आप पीएम मोदी की राजनीति को भी उसी तरह खत्म करना चाहते हैं जैसे आपने इंदिरा गांधी की राजनीति को खत्म किया, तो उन्होंने हां में जवाब दिया। वे हत्यारों को अपने पूर्वज बताते हैं।”
कनाडाई नेताओं पर गंभीर आरोप
मोचा ने खुलकर कनाडा के नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “दुखद बात यह है कि कनाडाई नेता इन लोगों का समर्थन कर रहे हैं। वे इनका इतिहास जानते हुए भी इन्हें मंच और संरक्षण दे रहे हैं। लोकतंत्र में हिंसा और आतंक के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि रैली का नेतृत्व वही शख्स कर रहा था, जो पहले भी उन्हें ऑनलाइन धमकियां दे चुका है। यह भीड़ न सिर्फ खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी कर रही थी, बल्कि भारत विरोधी भाषण भी दे रही थी।
पीएम मोदी के दौरे से पहले साजिश?
बता दें कि G7 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा आमंत्रित किया गया है। कार्नी ने बयान में कहा था कि “भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।” माना जा रहा है कि पीएम मोदी 17 जून को कनाडा के अलबर्टा प्रांत में होने वाले G7 आउटरीच सेशन में शामिल हो सकते हैं।
सवालों के घेरे में कनाडा की नीति
यह घटना एक बार फिर कनाडा की खालिस्तान नीति पर सवाल खड़े करती है। भारत पहले भी कई बार कनाडा सरकार से यह मुद्दा उठा चुका है कि वहां भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक तत्वों को खुली छूट दी जा रही है। हाल ही में कनाडा और भारत के रिश्तों में कूटनीतिक तनाव उस समय बढ़ गया था जब खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री ने भारत पर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाए थे।
