नीलामी रद्द, फिर भी दुकानों पर कब्जा बरकरार, पालिका की कार्रवाई पर उठे सवाल

खैरागढ़ जिला मुख्यालय में 64.77 लाख रुपये की दुकानों की नीलामी में अनियमितताओं के खुलासे के बाद नगर पालिका द्वारा 11 दुकानों की नीलामी निरस्त कर दी गई थी। शासन ने इस मामले में सीएमओ और राजस्व प्रभारी को निलंबित भी किया, लेकिन नीलामी रद्द होने के बावजूद धरमपुरा मणिकंचन केंद्र और फतेह मैदान परिसर की कई दुकानों पर अब भी बोलीकर्ताओं का कब्जा बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ दुकानों के ताले तक नहीं खुले हैं और हैरानी की बात यह है कि कई बोलीकर्ताओं ने इन दुकानों को आगे किराए पर भी दे दिया है। इससे यह संदेह गहरा गया है कि नीलामी निरस्तीकरण केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गया है।

नगर पालिका प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद अब तक न तो दुकानों को सील किया गया है और न ही कब्जा हटाने की ठोस कार्रवाई की गई है। इससे मिलीभगत और संरक्षण की आशंका भी जताई जा रही है।

शिकायतकर्ता आदित्य सिंह परिहार ने जिला कलेक्टर और नगरीय प्रशासन विभाग से मांग की है कि सभी अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए, राजस्व हानि की वसूली हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर मामला न्यायालय तक ले जाया जाएगा।

वहीं, प्रभारी सीएमओ अविनाश देवांगन ने बताया कि नीलामी निरस्त दुकानों के बोलीकर्ताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में दुकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समयसीमा में पालन नहीं होने पर दुकानों को सील कर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

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