CCTV में कैद हुई सिया-चेतन की सीक्रेट मीटिंग, Ketan Murder Case में सामने आया सबसे बड़ा सबूत!
Ketan Murder Case: हत्या से पहले कैफे में हुई थी सिया और चेतन की मुलाकात, CCTV फुटेज आया सामने, पुलिस अब दोस्त नीरज की भूमिका और मोबाइल रिकॉर्ड की भी कर रही जांच
Ketan Murder Case: क्या केतन अग्रवाल की हत्या पहले से तय थी? CCTV में कैद हुई सिया और चेतन की मुलाकात ने जांच की दिशा ही बदल दी है। आखिर कैफे में क्या प्लान बना, दोस्त नीरज की क्या थी भूमिका और तीन बार कैसे रची गई हत्या की साजिश? जानिए इस सनसनीखेज केस के हर बड़े खुलासे।
Siya Goyal and Ketan Agarwal Case: हत्या से पहले कैफे में हुई सीक्रेट मीटिंग, CCTV फुटेज ने खोले कई राज, दोस्त नीरज की भूमिका भी जांच के घेरे में
Siya Goyal and Ketan Agarwal Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में एक CCTV फुटेज सामने आया है, जिसने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के एक कैफे में मिले थे, जहां दोनों कथित तौर पर केतन की हत्या की साजिश बना रहे थे। सामने आए वीडियो में दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
कैफे में बैठकर बनाई गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि सिया और चेतन ने हत्या से पहले कई बार मुलाकात की थी। CCTV फुटेज में दोनों कैफे के अंदर काफी देर तक बातचीत करते नजर आ रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी मुलाकात के दौरान केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की पूरी योजना तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पहले भी कई बार हत्या की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए। आखिरकार लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया।
चेतन के दोस्त नीरज से भी पूछताछ
जांच अब चेतन चौधरी के करीबी दोस्त नीरज तक भी पहुंच गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नीरज इस पूरी साजिश से वाकिफ था या नहीं। जांच में सामने आया है कि वारदात वाले दिन चेतन अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ गया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बाद उसने कथित तौर पर नीरज का मोबाइल इस्तेमाल कर सिया से संपर्क बनाए रखा। अब पुलिस कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और मोबाइल डेटा के जरिए नीरज की भूमिका की भी जांच कर रही है।
लोहगढ़ किला ही क्यों चुना गया?
पुलिस के मुताबिक, सिया ने हत्या की योजना काफी पहले से बना रखी थी। चूंकि केतन को ट्रेकिंग का शौक था, इसलिए लोहगढ़ किले को वारदात की जगह चुना गया। जांच में यह भी सामने आया है कि सुनसान और ऊंचाई वाला इलाका होने के कारण आरोपियों ने इसे अपने प्लान के लिए सबसे उपयुक्त माना। पुलिस का दावा है कि ट्रेकिंग के दौरान केतन को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की गई।

तीन बार की कोशिश के बाद सफल हुई साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया और चेतन ने पहली बार 31 मई को हत्या की योजना बनाई थी। 14 जून को पहली कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में सांप आने से योजना विफल हो गई। इसके बाद 18 जून को दूसरी बार केतन को धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और उसने इसे दुर्घटना मान लिया। आखिरकार 20 जून को तीसरे प्रयास में आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया।
दीपावली की पार्टी से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात दीपावली के दौरान एक पार्टी में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दूसरी ओर, सिया की शादी पहले से केतन अग्रवाल के साथ तय हो चुकी थी। पुलिस का मानना है कि शादी का दबाव और प्रेम संबंध ही इस कथित साजिश की सबसे बड़ी वजह बने।
डिजिटल सबूत बन रहे जांच का सबसे मजबूत आधार
पुलिस फिलहाल CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्य इस मामले को सुनियोजित हत्या की ओर इशारा करते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस साजिश में कहीं अन्य लोगों की भी भूमिका तो नहीं थी। आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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