Kanker Naxal Surrender: कांकेर में नक्सलियों का आत्मसमर्पण जारी, 3 और माओवादी मुख्यधारा में शामिल, 4 दिनों में कुल 9 ने छोड़ा हथियार
Kanker Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कांकेर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां माओवादियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला लगातार जारी है। बीते चार दिनों में कुल 9 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के मुताबिक, 25 और 26 मार्च को 6 माओवादियों ने सरेंडर किया था, जबकि 28 मार्च को 3 और माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।
इन माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों में एसीएम राधिका कुंजाम, एसीएम संदीप कड़ियाम और पीएम रैनू पद्दा शामिल हैं। इन सभी ने पुनर्वास नीति के तहत आगे आकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया है।
हथियारों के साथ किया सरेंडर
इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण के दौरान कुल 3 हथियार भी पुलिस के हवाले किए हैं, जिनमें 2 एसएलआर राइफल और 1 .303 राइफल शामिल है। यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
अन्य माओवादियों से संपर्क की कोशिश
पुलिस को इन आत्मसमर्पित कैडरों से महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। इनके आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
आईजी ने की अपील
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने इन सभी 9 माओवादियों के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने शेष बचे माओवादी कैडरों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।
उन्होंने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर सीमित समय के लिए है, इसलिए माओवादियों को जल्द से जल्द इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और एक शांतिपूर्ण जीवन अपनाना चाहिए।
पुनर्वास प्रक्रिया जल्द पूरी होगी
पुलिस प्रशासन के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का सामाजिक पुनर्वास निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।
यह लगातार हो रहे आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की रणनीति और पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाता है।
