IndiGo Crisis: इंडिगो पर कानूनी दबाव: छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने भेजा ₹9000 करोड़ का नोटिस, रायपुर से 4 फ्लाइटें रद्द

IndiGo Crisis

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IndiGo Crisis: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही फ्लाइट कैंसिलेशन की घटनाओं के बीच एक सिविल सोसायटी ग्रुप ने IndiGo एयरलाइंस को कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में मांग की गई है कि रद्द हुई उड़ानों के यात्रियों को टिकट कीमत के 10 गुना तक मुआवजा दिया जाए। समूह ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायत भेजकर इंडिगो पर 9,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की मांग की है।

रायपुर से कई उड़ानें रद्द

मंगलवार सुबह रायपुर से मुंबई जाने वाली IndiGo फ्लाइट रद्द कर दी गई। इसके साथ ही मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद से आने वाली चार अन्य उड़ानें भी रद्द रहीं। उड़ानें बंद होने के बाद यात्रियों की भीड़ ट्रेन और बस स्टैंड पर बढ़ गई है।

एयरपोर्ट पर सूनी दिखी आवाजाही

सोमवार को रायपुर एयरपोर्ट से IndiGo की 8 उड़ानें रद्द हुईं—जिसमें दो मुंबई, दो हैदराबाद और बेंगलुरु, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली की एक-एक फ्लाइट शामिल थीं। पिछले चार दिनों में सिर्फ रायपुर से 64 फ्लाइटें रद्द हो चुकी हैं। देशभर में इसी अवधि में लगभग 3000 उड़ानें रद्द होने का आंकड़ा सामने आया है।
यात्रियों का आरोप है कि उन्हें एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। रायपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने भी इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

संगठन की सख्त चेतावनी

सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी का कहना है कि बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होना यात्रियों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि—

यात्रियों को पहले से सूचना नहीं दी गई

रद्दीकरण का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया

हजारों यात्रियों को आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है

होटल बुकिंग, वैकल्पिक यात्रा, मेडिकल अपॉइंटमेंट और व्यवसायिक बैठकों तक सब प्रभावित हुए। संगठन ने एयरलाइंस को 5 दिन की समय-सीमा देते हुए उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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