कौन हैं Smit Machhar? जिन्होंने कॉकपिट में चाकू के वार झेलकर बचाई 180 जानें; दुनिया बोली— ‘ये असली सुपरहीरो हैं’
डेस्क। आसमान में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक कमर्शियल प्लेन के भीतर जब मौत और जिंदगी का फासला चंद सेकंड्स का रह गया था, तब एक भारतीय पायलट की अदम्य बहादुरी ने 180 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लिया। दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है। न तो कोई तकनीकी खराबी थी और न ही खराब मौसम; यह कॉकपिट के भीतर रची गई एक खौफनाक साजिश थी, जिसे भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान दांव पर लगाकर नाकाम कर दिया।
स्क्वाक कोड 7500 और हवा में उठे 8 इजराइली फाइटर जेट्स
उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी अचानक फ्लाइट से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘स्क्वाक कोड 7700’ का सिग्नल मिला, जो किसी सामान्य आपात स्थिति (जनरल इमरजेंसी) का संकेत होता है। लेकिन इसके कुछ ही पलों बाद स्क्रीन पर अचानक ‘स्क्वाक कोड 7500’ चमकने लगा। एविएशन की दुनिया में इस कोड का मतलब होता है— ‘विमान का अपहरण’ (Aircraft Hijacking)। कोड फ्लैश होते ही इजराइल में हड़कंप मच गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फौरन आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुला ली और संभावित खतरे से निपटने के लिए आनन-फानन में 8 फाइटर जेट्स आसमान में तैनात कर दिए गए।
कॉकपिट में खूनी संघर्ष, 1 मिनट में 16,000 फीट नीचे गिरा प्लेन
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉकपिट के भीतर हालात बेहद भयावह थे। विमान में सवार ओमान का नागरिक को-पायलट कथित तौर पर विमान को सीधे क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने जब उसकी इस हरकत को देखा, तो वे तुरंत उस पर टूट पड़े। दोनों के बीच कॉकपिट के अंदर भीषण हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान ओमानी को-पायलट ने एक चाकू निकालकर कैप्टन स्मित पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय पायलट ने प्लेन का कंट्रोल पूरी तरह से हमलावर के हाथ में नहीं जाने दिया। इसी कशमकश में विमान का संतुलन बिगड़ा और महज 60 सेकंड के भीतर विमान 16 हजार फीट नीचे आ गिरा।
यात्रियों ने तोड़ा दरवाजा, पैसेंजर पायलट्स ने संभाली कमान
विमान के भयानक गोता खाने और कॉकपिट से आ रही चीखों से केबिन में बैठे 180 यात्रियों में कोहराम मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए यात्रियों ने अपनी पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा तोड़ दिया। अंदर भारतीय कैप्टन खून से लथपथ पड़े थे और आरोपी को काबू करने की कोशिश कर रहे थे। गनीमत यह रही कि उसी फ्लाइट में कुछ अन्य एयरलाइंस के पायलट भी बिजनेस ट्रिप पर यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे। उन्होंने तुरंत कॉकपिट में मोर्चा संभाला, आरोपी को बांधकर किनारे किया और नजदीकी सऊदी अरब के तबुक सिविल-मिलिट्री बेस से संपर्क साधा।
तबुक एयरबेस पर सेफ लैंडिंग, अस्पताल में भर्ती दोनों पायलट
विमान का रूट तुरंत डायवर्ट कर सऊदी अरब के तबुक एयरबेस पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रनवे पर विमान के पहिए थमते ही सुरक्षा बलों और मेडिकल टीमों ने प्लेन को घेर लिया। गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार और आरोपी को-पायलट को तत्काल इलाज के लिए सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगर भारतीय कैप्टन ने चाकू के वार सहते हुए भी कॉकपिट का कंट्रोल न रोका होता, तो एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विमान हादसा तय था। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहन तफ्तीश कर रही हैं कि को-पायलट के पास कॉकपिट में चाकू कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई संगठित आतंकी साजिश थी।
