Operation Sindoor के बाद भारत सतर्क, सर्वदलीय बैठक में जवाबी रणनीति पर चर्चा, सेना हाई अलर्ट पर
Operation Sindoor
नई दिल्ली। Operation Sindoor: पाकिस्तान और POK में स्थित आतंकी ठिकानों पर भारत के सटीक मिसाइल हमले—‘ऑपरेशन सिंदूर’—के बाद अब सरकार ने राजनीतिक दलों को विश्वास में लेने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद हैं। विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने भाग लिया। सरकार की ओर से विपक्ष को ऑपरेशन के परिणाम, पाकिस्तान की संभावित प्रतिक्रिया और भारत की अगली रणनीति से अवगत कराया जा रहा है।
सिर्फ 25 मिनट में ढेर कर दिए गए 9 आतंकी ठिकाने
भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात 1:05 से 1:30 बजे तक चले ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविरों पर हमला बोला। 24 मिसाइलों के जरिए 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया, जिनमें से 5 पीओके में और 4 पाकिस्तान में स्थित थे। यह ठिकाने आतंकी भर्ती और ट्रेनिंग के प्रमुख केंद्र थे। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस हमले में आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी मारे गए हैं।
पीएम मोदी ने तीन देशों का दौरा टाला
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड का 13 से 17 मई तक का विदेश दौरा रद्द कर दिया है। इससे संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार इस पूरे घटनाक्रम को अत्यधिक गंभीरता से ले रही है।
विपक्ष का सरकार को पूरा समर्थन
कांग्रेस पार्टी ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ एकजुटता जताते हुए अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम, जिनमें संविधान बचाओ रैली शामिल है, फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मौके पर कहा कि ऐसी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को भी शामिल होना चाहिए था। उन्होंने दोहराया कि भारत की नीति पाकिस्तान और पीओके से आने वाले हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सख्त है।
नियंत्रण रेखा पर सेना हाई अलर्ट पर
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की किसी भी प्रतिक्रिया को लेकर भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है। सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी LOC पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय सेना इकाइयों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत पर जवाबी कार्रवाई के लिए सेना तैयार है।
भारत की कूटनीतिक रणनीति भी तेज
इस बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर कई देशों के अपने समकक्षों के साथ संवाद में जुटे हैं। उन्हें भारत की कार्रवाई के पीछे की वजहें बताई जा रही हैं—कि भारत तनाव नहीं चाहता, लेकिन आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक स्पष्टता का दुनिया को संदेश दे दिया है। अब कूटनीति, राजनीति और सैन्य निगरानी—तीनों मोर्चों पर भारत पूरी मजबूती से डटा हुआ है।
