मध्यान्ह भोजन बंद! रसोईयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सरकार ने जारी किया कड़ा फरमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोईयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब मध्यान्ह भोजन योजना पर साफ दिखने लगा है। योजना के संचालन में बाधा की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि रसोईया हड़ताल पर रहते हैं, तो भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित संचालनकर्ता समूहों की जिम्मेदारी होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि मध्यान्ह भोजन योजना बाधित होने की स्थिति में रसोईयों के साथ-साथ संचालनकर्ता समूह को भी जिम्मेदार माना जाएगा।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लापरवाही पाए जाने पर संचालनकर्ता समूह को हटाने, कुर्की कास्ट में कटौती और मानदेय में कमी जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजा गया है, ताकि जिलास्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

इधर, रसोईया संघ ने इस आदेश को तानाशाही करार दिया है। संघ का आरोप है कि यह हड़ताल खत्म कराने के लिए दबाव की रणनीति है। उनका कहना है कि एक ओर शिक्षा मंत्री उनकी मांगों को उचित बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ऐसे आदेश जारी कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

गौरतलब है कि पिछले 30 दिनों से अधिक समय से प्रदेश के लगभग 86 हजार रसोईया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे सरकारी स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित होने के कगार पर पहुंच गई है।

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