समर सीजन में बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में 77 ट्रेनें रद्द, कई के रूट डायवर्ट
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली रेल सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिला है। रेलवे ने 8 जून से 19 जून के बीच अलग-अलग तारीखों पर 77 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। इनमें एक्सप्रेस और पैसेंजर दोनों तरह की ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, कुछ को बीच रास्ते में समाप्त किया जाएगा और कुछ देरी से चलेंगी।
77 ट्रेनों पर असर, कई राज्यों की यात्रा होगी प्रभावित
रेलवे के अनुसार कुल 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें इस अवधि में रद्द रहेंगी। वहीं 8 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है, 6 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही रोक दिया जाएगा और 5 ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चलेंगी। इस फैसले का असर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा।
चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन निर्माण बना वजह
रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह निर्णय बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य के चलते लिया गया है। यह प्रोजेक्ट बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन पर चल रहा है, जो देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है। निर्माण कार्य के कारण ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है।
समर सीजन में यात्रियों की बढ़ी परेशानी
गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की भीड़ पहले से ही अधिक रहती है। ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई रूटों पर लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का फैसला
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 8 से 19 जून के बीच कोरबा और बिलासपुर के बीच सीमित रूट पर चलेगी ताकि स्थानीय यात्रियों को राहत मिल सके।
बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
रेलवे के मुताबिक 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और अब तक 180 किलोमीटर से अधिक निर्माण हो चुका है। चांपा स्टेशन को इस नई लाइन से जोड़ने का काम 7 से 19 जून के बीच चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस प्रोजेक्ट से ट्रेन संचालन अधिक सुचारू और तेज होगा।
