छत्तीसगढ़ सरकार ने कितना लिया विदेशी लोन? वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया जवाब
छत्तीसगढ़ विधानसभा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा विदेशी बैंकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष की ओर से यह सवाल किया गया कि राज्य सरकार किन नियमों के तहत विदेशी बैंकों से कर्ज ले सकती है और नई सरकार बनने के बाद अब तक कितना विदेशी ऋण लिया गया है।
विधायक ने मांगी विस्तृत जानकारी
कांग्रेस विधायक Anila Bhendia ने सरकार से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि जनवरी 2024 से 17 फरवरी 2026 के बीच राज्य सरकार ने किन-किन विदेशी बैंकों या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऋण लिया है और उस पर ब्याज दर क्या निर्धारित की गई है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि यह ब्याज दर निश्चित (फिक्स्ड) है या फ्लोटिंग, और वर्षवार कितना कर्ज लिया गया है। विधायक ने यह भी पूछा कि विदेशी ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग किन विकास परियोजनाओं में किया जा रहा है और उन परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने की क्या योजना है।
केंद्र की अनुमति के बिना नहीं लिया जा सकता विदेशी ऋण
इन सवालों के जवाब में राज्य के वित्त मंत्री O. P. Choudhary ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 293(3) के अनुसार किसी भी राज्य सरकार को विदेशी ऋण लेने से पहले केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय से अनुमति लेना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को मिलने वाले सभी विदेशी ऋण बहुपक्षीय विकास बैंकों के माध्यम से ‘बैक-टू-बैक’ व्यवस्था के तहत प्राप्त होते हैं।
विदेशी ऋण के लिए सरकार ने नहीं दी कोई गारंटी
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने विदेशी ऋण के लिए किसी प्रकार की शासकीय गारंटी नहीं दी है। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में विदेशी ऋण की मात्रा में कमी आई है।
उन्होंने कहा कि इन ऋणों के मूलधन और ब्याज की अदायगी राज्य की संचित निधि से की जाती है। इसलिए आगामी पांच वर्षों के बजट में भी ऋण भुगतान के लिए आवश्यक प्रावधान किया जाएगा।
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