Hormuz Strait Crisis : US ने होर्मुज नाकेबंदी की दी धमकी तो भड़का चीन, कहा- ‘हमारे मामलों में दखल न दे’
इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ट्रंप ने होरमुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की चेतावनी दी
Hormuz Strait Crisis गहराता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे चली मैराथन बैठक बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन होरमुज स्ट्रेट और न्यूक्लियर कार्यक्रम जैसे अहम विषयों पर सहमति नहीं बन सकी।
ट्रंप का बड़ा ऐलान, नाकेबंदी की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बैठक खत्म होने के कुछ घंटों बाद बड़ा किया। जाहिर है वो वैसे भी आजकल उल जलूल बयानों की वजह से भी चर्चा में रहते है और Hormuz Strait Crisis का असर अमेरिका पर भी हर देश की तरह पड़ रहा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अब Strait of Hormuz में आने-जाने वाले जहाजों को ब्लॉक करने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोकें।
उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कदम ईरान की ओर से कथित ‘टोल वसूली’ के जवाब में उठाया जा रहा है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बयान के बाद तेहरान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करेगा और किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
Strait of Hormuz पर ईरान का प्रभाव पहले से ही मजबूत माना जाता है, जिससे यह विवाद और गंभीर हो गया है।
अभी Hormuz Strait Crisis ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को काफी प्रभावित किया हुआ है जिससे हर देश में महंगाई चरम पर पहुंच गई है।
चीन ने भी दिखाए तेवर
इस पूरे मामले में अब China की एंट्री ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
चीन के रक्षा मंत्री Dong Jun ने साफ कहा कि उनका देश मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति व स्थिरता का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि चीनी जहाज लगातार होरमुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं और ईरान के साथ उनके व्यापार और ऊर्जा समझौते जारी रहेंगे।
डोंग जून ने यह भी कहा कि चीन अपने हितों की रक्षा करेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।
हथियार सप्लाई के आरोपों को चीन ने नकारा
वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि चीन ईरान को हथियार या डुअल-यूज तकनीक उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया।
रणनीतिक रूप से क्यों अहम है होरमुज स्ट्रेट
Hormuz Strait Crisis अभी सबसे बड़े मुद्दों में से एक है, पूरी दुनिया की सांसे केवल इसी बात पर अटकी है कि कही यह बंद हो जाएगा तो फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कितना भारी पड़ा पद सकता है।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
यह खाड़ी देशों से निकलने वाले कच्चे तेल और गैस की सप्लाई का मुख्य रास्ता है।
अगर यहां किसी तरह की नाकेबंदी होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि Hormuz Strait Crisis के बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल, समुद्री व्यापार में बाधा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
अमेरिका, ईरान और चीन जैसे बड़े देशों के बीच बढ़ती तनातनी से यह संकट और गहराने की आशंका है।
Hormuz Strait Crisis फिलहाल एक गंभीर वैश्विक मुद्दा बनता जा रहा है।
अमेरिका की नाकेबंदी की चेतावनी, ईरान की सख्त प्रतिक्रिया और चीन की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और जटिल बना दिया है।
अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक स्तर पर Hormuz Strait Crisis का कोई समाधान निकल पाएगा या यह तनाव और बड़े टकराव की ओर बढ़ेगा।
Read More : Iran US Conflict: Vladimir Putin ने दी मध्यस्थता की पेशकश, क्या टल पाएगा बड़ा युद्ध?
