भद्रा और चंद्रग्रहण के साए में होली: मध्यरात्रि बाद होलिका दहन , कल नहीं खेले जाएंगे रंग

होलिका दहन

होलिका दहन

रायपुर: इस वर्ष होली का पर्व भद्रा और चंद्रग्रहण के विशेष संयोग में मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से प्रारंभ होकर 3 मार्च की शाम तक रहेगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा में ही किया जाना चाहिए, इसलिए दहन 2 मार्च को ही संपन्न होगा।

भद्रा का प्रभाव पूरी रात

2 मार्च की शाम 5:56 बजे से भद्रा काल शुरू होकर 3 मार्च सुबह 5:23 बजे तक रहेगा। चूंकि भद्रा पूरी रात प्रभावी है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार भद्रा मुख को त्यागकर दहन किया जाएगा। भद्रा मुख का समय मध्यरात्रि पश्चात 2:38 बजे से प्रारंभ होकर सुबह 5:23 बजे तक रहेगा।

यह रहेगा होलिका दहन का शुभ समय

ज्योतिष गणना के अनुसार मध्यरात्रि के बाद 1:37 बजे से 2:38 बजे तक का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ रहेगा। इस अवधि में भद्रा मुख से पूर्व दहन करना शुभ माना गया है।

चंद्रग्रहण के कारण अगले दिन नहीं होगी रंगों की होली

3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे से 6:47 बजे तक वर्ष का पहला चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण के कारण सूतक काल सुबह 9:27 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में मंगलवार को रंगों की होली नहीं खेली जाएगी। हाटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी सुरेश गिरी गोस्वामी के अनुसार ग्रहण काल में मंदिरों के पट बंद रखे जाएंगे और प्रतिमाओं को कुश वस्त्र से ढका जाएगा। बुधवार को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद ही भगवान को रंग अर्पित किया जाएगा।

महामाया मंदिर ने भी जारी किया समय

रायपुर महामाया मंदिर के पं. मनोज शुक्ला ने भी स्पष्ट किया कि भद्रा व्याप्त होने के कारण मध्यरात्रि पश्चात ही दहन किया जाएगा। 1:37 से 2:37 बजे तक का समय उपयुक्त रहेगा।

 

Youthwings