शिमला लैंडस्लाइड: जांगलिख पुल के पास मलबे से बंद हुआ रास्ता, हिमाचल में NH समेत 66 सड़कें ठप

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के दौर के बीच शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में भारी भूस्खलन की घटना सामने आई है। यहां जांगलिख पुल के समीप एक पूरी पहाड़ी दरकने से मुख्य मार्ग पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आ गिरा, जिससे सड़क दोनों छोर से पूरी तरह बंद हो गई है। मार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और मौके पर नुकसान की भी पुष्टि हुई है।

जान बचाकर भागे थे लोग, अचानक दरक गया पूरा पहाड़

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जांगलिख पुल के पास रविवार से ही पहाड़ी से रुक-रुक कर पत्थर और मिट्टी गिर रही थी। उस दौरान वहां से गुजर रहे कई वाहन चालकों और राहगीरों ने तेजी से भागकर अपनी जान बचाई थी। हालांकि, सोमवार को अचानक पूरी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा, जिससे विशालकाय बोल्डर और मलबा जमा हो गया और आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।

सुंदरू खड्ड में रुका था पानी, प्रशासन बोला- ‘झील बनने का खतरा नहीं’

पहाड़ी दरकने के कारण मलबा सीधे जांगलिख खड्ड में जा गिरा, जिससे सुंदरू खड्ड का पानी कुछ देर के लिए अवरुद्ध हो गया था। इससे निचले इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका बन गई थी।

रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार चिड़गांव को तुरंत मौके पर भेजा। एसडीएम ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मलबे की वजह से पानी का प्रवाह थोड़ा बाधित हुआ था, लेकिन अब बहाव दोबारा शुरू हो चुका है। खड्ड में झील बनने जैसा कोई खतरा नहीं है। हालांकि, नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को जांगलिख, पब्बर नदी और खड्डों के किनारे न जाने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।

1 नेशनल हाईवे समेत 66 सड़कें बंद, 116 ट्रांसफार्मर ठप

राज्य आपदा संचालन केंद्र (SEOC) की 28 सितंबर सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के चलते यातायात और बिजली व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है:

सड़कें अवरुद्ध: राज्य भर में कुल 66 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं।

नेशनल हाईवे प्रभावित: किन्नौर जिले में पूह के समीप भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-05 पर वाहनों की आवाजाही रुकी हुई है।

बिजली व्यवस्था पर असर: कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में कुल 116 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हो गए हैं, जिससे कई बस्तियों में अंधेरा छाया हुआ है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी पेयजल योजना के ठप होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की 28 सितंबर सुबह 9 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे।

शिमला और आसपास: राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के एक-दो दौर दर्ज हो सकते हैं।

बर्फबारी की संभावना: जनजातीय जिले किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश के साथ ताज़ा बर्फबारी और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।

मध्यम वर्षा वाले जिले: सोलन, सिरमौर और बिलासपुर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि मंडी, कुल्लू और शिमला में भी मेघ गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों व आम नागरिकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा कच्ची ढलानों वाले रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ों की यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलने का परामर्श दिया गया है।

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