नारायणपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर की सीमा पर मुठभेड़, 6 नक्सली मारे गए
जगदलपुर। माओवाद विरोधी अभियान के तहत बस्तर में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती पहाड़ियों में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने छह माओवादियों को मार गिराया। पुलिस ने मौके से छह शव बरामद कर लिए हैं, जबकि कई अन्य माओवादी हताहत हुए होने की आशंका जताई जा रही है।
इधर राजधानी रायपुर के मेफ़ेयर होटल में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में हालिया अभियानों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।
लगातार दबाव में माओवादी संगठन
इस वर्ष बस्तर में माओवादियों पर सुरक्षा बलों ने लगातार दबाव बनाए रखा है। अप्रैल–मई में चले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में 31 नक्सली मारे गए थे। जुलाई में अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी ढेर हुए, जिनमें एक डिविजनल कमेटी सदस्य भी शामिल था। अब तक 2024 में ही बस्तर में 200 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं।
मई में सबसे बड़ी सफलता तब मिली जब संगठन का महासचिव और शीर्ष कमांडर नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद जून में केंद्रीय समिति का वरिष्ठ नेता और विचारधारा प्रमुख सुधाकर उर्फ नरसिम्हा चालन भी ढेर हो गया। शीर्ष नेतृत्व के लगातार खात्मे ने संगठन की पकड़ और मनोबल दोनों को कमजोर कर दिया है।
माओवादियों का घटता प्रभाव
दिसंबर 2023 से अब तक प्रदेश में 453 माओवादी मारे जा चुके हैं, 1,616 गिरफ्तार हुए और 1,666 ने आत्मसमर्पण किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रही सफलताओं और बड़े नेताओं के सफाये ने माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे निर्णायक चरण मान रही हैं और लक्ष्य रखा गया है कि 2026 तक बस्तर को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त किया जाए।
