Operation Sindoor की पूरी टाइमलाइन: कब, कैसे और कहां क्या हुआ, जानिए पूरी कहानी
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Operation Sindoor: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भारत के सब्र की आखिरी हद थी। 26 बेगुनाहों की हत्या के बाद भारत ने चुप रहना मुनासिब नहीं समझा। और फिर जो हुआ, वो भारत की नई रणनीति, नई सोच और नए तेवर का परिचायक बन गया। नाम दिया गया — ऑपरेशन सिंदूर। इस ऑपरेशन के ज़रिए भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंक के 9 अड्डों को तबाह कर दिया। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की 20 दिन की टाइमलाइन।
22 अप्रैल — जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी। मरने वालों में एक नेपाल का नागरिक भी था। इस घटना से देश गुस्से में उबल पड़ा। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब में थे, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें फोन कर शोक जताया।
23 अप्रैल — भारत के प्रधानमंत्री ने कड़ा संदेश दिया — आतंक का जवाब ज़रूर मिलेगा। सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्रालय के साथ कई बैठकें हुईं। पाकिस्तान को हर मंच से संकेत मिल चुका था कि जवाब तय है।
1 मई — अमेरिका के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री को कॉल किया। भारत ने साफ कर दिया कि इस बार पाकिस्तान की सरहद के भीतर घुसकर आतंकी ठिकानों पर हमला होगा। अमेरिका जानना चाहता रहा कि भारत कब और कहां वार करेगा।
6 और 7 मई की दरमियानी रात — भारत ने लॉन्च किया ऑपरेशन सिंदूर। महज़ 30 मिनट में POK और पाकिस्तान के भीतर स्थित 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए गए। करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की खबर आई।
7 मई की सुबह — भारत के DGMO ने पाकिस्तान को सूचित किया कि यह स्ट्राइक पहलगाम के जवाब में थी और अगर पाकिस्तान ने कुछ और किया तो फिर जवाब और भी कठोर होगा।
9 मई की रात — अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और तनाव कम करने की अपील की। इस पर पीएम मोदी ने दो टूक कहा — गोली का जवाब अब गोले से मिलेगा।
9 से 10 मई की रात — पाकिस्तान ने भारत के 26 ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की। जवाब में भारत ने पाकिस्तान के 8 सैन्य अड्डों को टारगेट किया और भारी नुकसान पहुंचाया।
10 मई — पाकिस्तान घबरा गया। उसके सेना प्रमुख ने अमेरिका से मदद मांगी। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत से संपर्क किया और आश्वासन दिया कि पाकिस्तान अब फायरिंग नहीं करेगा।
इसी दिन दोपहर 3:35 बजे — भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच बातचीत हुई और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। शाम 5:30 बजे भारत ने भी इस पर औपचारिक पुष्टि दी।
लेकिन 10 मई की रात — पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया। भारत के शहरों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया और सभी ड्रोन मार गिराए।
11 मई की सुबह — भारत के DGMO ने पाकिस्तान से औपचारिक तौर पर जवाब मांगा कि सीजफायर के बावजूद हमला क्यों किया गया।
तो ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि भारत की नई सैन्य सोच का प्रतीक बनकर उभरा है। अब न सिर्फ देश की सीमाएं सुरक्षित हैं, बल्कि पाकिस्तान को भी ये संदेश साफ़ मिल चुका है — अगर भारत पर हमला हुआ, तो जवाब उसी की ज़ुबान में मिलेगा… लेकिन उससे कहीं ज़्यादा ताकत के साथ।
