सरकारी क्वार्टर से लेकर मंदिर और अब ‘मूलनिवासी दावा’ तक… आदिवासी समाज ने बलि देकर जताया अपना हक
जगदलपुर। शहर के प्रतापदेव वार्ड में सरकारी क्वार्टर तोड़े जाने के बाद से विवादों में घिरी जमीन एक बार फिर चर्चा में आ गई है। मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण और दिगम्बर समाज को मंदिर के लिए जमीन आवंटन की चर्चाओं के बीच अब भूमकाल स्मृति दिवस पर मूलनिवासी समाज ने पारंपरिक जात्रा कर इस भूमि पर अपना दावा पेश किया है।
शहर के मध्य स्थित इस जमीन पर पहले सरकारी क्वार्टर थे, जिन्हें जर्जर हालत के चलते ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद यहां मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण की योजना बनी और डीपीआर भी तैयार की गई, लेकिन कोरोना काल के दौरान यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। बाद में यह चर्चा सामने आई कि जमीन दिगम्बर समाज को मंदिर निर्माण के लिए दी जा रही है। इस मुद्दे पर मेन रोड व्यापारियों और कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे मामला और गरमा गया।
जात्रा कर जताया दावा
भूमकाल स्मृति दिवस के अवसर पर निकली मूलनिवासी समाज की रैली जब इस स्थल पर पहुंची, तो समाज के लोगों ने इसे ऐतिहासिक रूप से अपना बताते हुए पारंपरिक जात्रा की रस्म अदा की। समाज के पदाधिकारियों का दावा है कि यह जमीन जगतू माहरा की है और मूल निवासियों से जुड़ी हुई है। उन्होंने घोषणा की कि यहां “बस्तरिया भवन” का निर्माण किया जाएगा, ताकि बस्तर दशहरा जैसे बड़े आयोजनों में बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था हो सके।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
मूलनिवासी समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनके दावे में हस्तक्षेप हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
फिलहाल प्रतापदेव वार्ड की यह जमीन एक बार फिर प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। आगे इस पर शासन-प्रशासन क्या रुख अपनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
