पूर्व उपराष्ट्रपति को मिलेगी तीन पेंशन: विधानसभा सचिवालय में फिर किया आवेदन
नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति और वरिष्ठ नेता जगदीप धनखड़ ने पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली पेंशन बहाल करने के लिए राजस्थान विधानसभा सचिवालय में आधिकारिक आवेदन दायर किया। धनखड़ वर्ष 1993 से 1998 तक किशनगढ़ क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं।
उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद की पहल
21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद, धनखड़ ने पेंशन बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की। राज्य विधानसभा नियमों के अनुसार, कोई भी पूर्व विधायक यदि किसी संवैधानिक पद पर नियुक्त होता है, तो उसकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाती है। लेकिन इस्तीफा देने या कार्यकाल समाप्त होने के बाद, वह पुनः पेंशन के लिए आवेदन कर सकता है।
विधानसभा सचिवालय में दस्तावेज़ी कार्रवाई शुरू
धनखड़ का आवेदन मिलते ही राजस्थान विधानसभा सचिवालय ने प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उन्हें पेंशन उसी दिन से मिलनी शुरू होगी, जिस दिन उनके उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र को औपचारिक रूप से स्वीकृति मिली थी।
मिलेगी तीन स्तरीय पेंशन—कुल ₹2.73 लाख प्रतिमाह की संभावना
अब जगदीप धनखड़ को तीन अलग-अलग स्रोतों से पेंशन मिलने की पूरी संभावना है:
पूर्व उपराष्ट्रपति के रूप में: ₹2,00,000 प्रतिमाह
पूर्व सांसद के रूप में: ₹31,000 प्रतिमाह
पूर्व विधायक के रूप में: ₹42,000 प्रतिमाह
इस प्रकार वे कुल ₹2.73 लाख प्रतिमाह की पेंशन के हकदार होंगे।
पूर्व विधायकों की पेंशन का फॉर्मूला क्या कहता है?
राजस्थान में किसी भी पूर्व विधायक को न्यूनतम ₹35,000 की मासिक पेंशन दी जाती है। अगर उन्होंने एक से अधिक बार कार्यकाल पूरा किया हो तो प्रत्येक अतिरिक्त कार्यकाल के लिए ₹1,600 जुड़ता है। साथ ही, 70 वर्ष से अधिक उम्र होने पर 20% अतिरिक्त राशि भी शामिल की जाती है। चूंकि धनखड़ 75 वर्ष के हैं और एक बार विधायक रह चुके हैं, इसलिए उन्हें ₹42,000 प्रतिमाह पेंशन मिलनी तय मानी जा रही है।
