सरकार को 11 लाख करोड़ में लीज पर लेने का ऑफर, पूर्व विधायक ने पीएम मोदी को दिया अनोखा प्रस्ताव
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक अजीबोगरीब लेकिन गंभीर चर्चा चल रही है। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालाघाट के लांजी से पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ऐसा पत्र भेजा है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, समरीते ने अपने पत्र में प्रस्ताव दिया है कि वे पूरी मध्य प्रदेश सरकार को तीन साल के लिए 11 लाख करोड़ रुपये में “लीज” पर लेना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे इस अवधि में प्रदेश के प्रशासन, विकास कार्यों और कर्ज अदायगी की पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे।
समरीते बोले – “खनन माफिया लूट सकते हैं, तो मैं पारदर्शी ढंग से चला सकता हूं”
पूर्व विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में खनन माफिया, अधिकारी और नेता मिलकर जनता की कमाई पर डाका डाल रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर माफिया पूरे प्रदेश को लूट सकते हैं, तो मैं इसे पारदर्शी तरीके से चला सकता हूं।”
उन्होंने बताया कि फंड की व्यवस्था विदेशी निवेशकों, एनआरआई फंडिंग और बड़े औद्योगिक घरानों की मदद से की जाएगी। समरीते का दावा है कि वे राज्य का पूरा कर्ज चुकाने और विकास को रफ्तार देने की गारंटी देते हैं।
पत्र में लगाए गंभीर आरोप
समरीते ने अपने पत्र में बालाघाट जिले से जुड़े कई खनन और पर्यावरणीय घोटालों का उल्लेख किया है। उन्होंने कुछ प्रमुख मामलों का ज़िक्र किया —
जगंतोला खदान घोटाला: श्री कृष्णा माइनिंग एंड ट्रेडिंग सिंडिकेट पर आरोप है कि उसने 20 साल के खनन पट्टे को जाली दस्तावेजों से 50 साल तक बढ़ा लिया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मिलीभगत: एमपीपीसीबी ने 21 जनवरी 2025 की “भविष्य की तारीख” डालकर कंसेंट ऑर्डर जारी किया।
स्थानीय शोषण: किसानों और आदिवासियों की ज़मीन बिना उचित मुआवज़े के छीनी जा रही है, जबकि खनन से प्रदूषण ने जीवन दूभर कर दिया है।
उन्होंने अपने दावों के समर्थन में तकनीकी साक्ष्य और दस्तावेज़ भी जोड़े हैं, जिनमें तारीखों में हेराफेरी, पर्यावरण मानकों के उल्लंघन और अवैध खनन पट्टों के प्रमाण शामिल हैं।
पारदर्शी शासन का दावा
समरीते ने कहा कि यदि केंद्र सरकार उनका प्रस्ताव स्वीकार करती है, तो वे हर खर्च और निर्णय की जानकारी जनता के सामने रखेंगे। उनका दावा है कि यह प्रयोग न सिर्फ आर्थिक रूप से संभव है, बल्कि राज्य प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता का नया मॉडल बन सकता है।
केंद्र सरकार से की ये मांगें
समरीते ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में केंद्र सरकार से कई प्रमुख कार्रवाइयों की मांग की है —
मध्य प्रदेश के खनन घोटालों की CBI जांच कराई जाए।
भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
श्री कृष्णा माइनिंग का पट्टा तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
प्रभावित किसानों और आदिवासियों को उचित मुआवज़ा दिया जाए।
