INDIA गठबंधन की बैठक में 5 बड़े फैसले, CJI को पत्र और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की बैठक में देशभर के 25 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन के सभी सहयोगी दलों ने पांच प्रमुख मुद्दों पर साझा सहमति बनाई है। साथ ही विपक्षी दलों ने आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर CJI को भेजा जाएगा पत्र
बैठक में नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर चिंता व्यक्त की। इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए सभी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का निर्णय लिया है। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इन मामलों पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
NEET-CBSE विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बैठक में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। विपक्षी दलों ने NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। नेताओं का कहना है कि हाल की घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग
INDIA गठबंधन ने देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चिंता जताई। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से मांग की कि इन विषयों पर व्यापक चर्चा के लिए जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।
हर दो महीने में होगी गठबंधन की बैठक
बैठक में यह भी तय किया गया कि INDIA गठबंधन के सभी दल नियमित रूप से हर दो महीने में बैठक करेंगे। नेताओं ने अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित करने पर सहमति जताई। बैठक की तारीख बाद में तय की जाएगी। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए नियमित रणनीतिक बैठकों का भी निर्णय लिया गया।
सहयोगी दलों के मतभेद भी आए सामने
बैठक ऐसे समय में हुई जब गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। DMK ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए बैठक से दूरी बनाई, जबकि माकपा ने भी कांग्रेस नेताओं के कुछ बयानों पर नाराजगी जताई है। वहीं आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से अलग होने का संकेत दे चुकी है। इसके बावजूद विपक्षी दलों ने साझा मुद्दों पर एकजुटता दिखाने और सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बदलते राजनीतिक माहौल में अहम मानी जा रही बैठक
हालिया विधानसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच INDIA गठबंधन की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी दल आगामी चुनावों से पहले साझा एजेंडा और बेहतर तालमेल के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में बैठक में लिए गए फैसलों को विपक्षी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
