Fake Paneer Raid: 1000 किलो नकली पनीर पकड़ा गया, ऐसे हो रहा था तैयार

Fake Paneer Raid

रायपुर में Fake Paneer Raid: छापे में 1000 किलो माल नष्ट, सैंपल भेजे जांच के लिए

शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ती मांग के बीच मिलावटी डेयरी उत्पादों पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। fake paneer raid के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने भाठागांव और उरला स्थित दो फैक्ट्रियों पर छापा मारकर 1000 किलो से ज्यादा संदिग्ध पनीर नष्ट करा दिया। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है और आम लोगों की सेहत को लेकर विभाग की सख्ती भी साफ दिखाई दे रही है।

Fake Paneer Raid: भाठागांव और उरला की फैक्ट्रियों पर छापा

जानकारी के मुताबिक, food safety raid India के तहत विशेष टीम ने भाठागांव स्थित केएलपी मिल्क एंड प्रोडक्ट और उरला की एसजे मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट फैक्ट्री में एक साथ दबिश दी। जांच के दौरान दोनों जगह पनीर निर्माण की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद बड़ी मात्रा में पनीर जब्त किया गया।

ज्यादा मुनाफे के लिए बनाया जा रहा था एनालॉग पनीर

शादी के मौसम में पनीर की मांग दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ कारोबारी adulterated paneer और analog paneer का निर्माण कर रहे थे। जांच में सामने आया कि दूध पाउडर, पाम ऑयल और साइट्रिक एसिड जैसी चीजों का उपयोग कर पनीर तैयार किया जा रहा था, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

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540 किलो पनीर जब्त, फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबन प्रक्रिया में

भाठागांव की फैक्ट्री में जांच के दौरान 540 किलो पनीर जब्त किया गया। यहां भारी गंदगी और संदिग्ध निर्माण प्रक्रिया मिलने पर उत्पादन तुरंत बंद करा दिया गया और लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह कार्रवाई food adulteration case India के तहत की जा रही है।

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उरला डेयरी को नोटिस, 500 किलो पनीर जब्त

वहीं उरला की डेयरी से करीब 500 किलो पनीर जब्त किया गया। हालांकि वहां साफ-सफाई अपेक्षाकृत बेहतर मिली, लेकिन निर्माण प्रक्रिया में सुधार के लिए विभाग ने नोटिस जारी किया है। दोनों जगहों से जब्त पनीर को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर गड्ढे में दबाकर नष्ट कर दिया गया।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, दोनों फैक्ट्रियों से लिए गए paneer sample test की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि नमूने फेल होते हैं, तो संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

दूसरे जिलों की टीम ने की संयुक्त कार्रवाई

इस बड़ी कार्रवाई के लिए विभाग ने अन्य जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी शामिल किया। food safety department action के तहत सर्वेश यादव, अक्षय सोनी, बृजेंद्र भारती सहित कई अधिकारियों की टीम ने एक साथ दोनों स्थानों पर छापेमारी की।

Analog Paneer विवाद अब भी जारी

देश में analog paneer controversy अभी तक खत्म नहीं हुई है। एक ओर जहां एफएसएसएआई इस तरह के पनीर के निर्माण के लिए लाइसेंस जारी करता है, वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए कार्रवाई करता है। इस दोहरे रवैये पर व्यापारियों द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इस मुद्दे का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल पाया है।

जनता की सेहत पर बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि fake paneer health risk गंभीर हो सकता है, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और मिलावटी तत्व शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है, ताकि बाजार में मिलावट पर लगाम लगाई जा सके और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

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FAQs: (Fake Paneer Raid)

Fake Paneer Raid क्या होता है?

Fake Paneer Raid वह कार्रवाई होती है जिसमें खाद्य विभाग मिलावटी या नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों पर छापा मारकर जांच करता है और खराब उत्पाद जब्त करता है।

Fake Paneer Raid में पनीर क्यों नष्ट किया जाता है?

अगर पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध होती है या वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया जाता है, तो Fake Paneer Raid के दौरान उसे नष्ट कर दिया जाता है ताकि वह बाजार में न बिक सके।

Fake Paneer Raid में किन चीजों की जांच होती है?

इस दौरान पनीर बनाने की प्रक्रिया, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, साफ-सफाई और लाइसेंस की वैधता की जांच की जाती है।

Fake Paneer Raid के बाद क्या कार्रवाई होती है?

नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

Fake Paneer Raid से आम लोगों को क्या फायदा होता है?

इस तरह की कार्रवाई से बाजार में मिलावटी पनीर पर रोक लगती है और लोगों को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य पदार्थ मिलने में मदद मिलती है।

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