“वोट चोरी” पर घमासान: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से कहा – या तो सबूत दो या देश से माफी मांगो
नई दिल्ली – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों से देश की राजनीति गरमा गई है। 8 अगस्त को चुनाव आयोग (ECI) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राहुल गांधी को या तो अपने आरोपों को औपचारिक रूप से घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर पुख्ता करें, या फिर देश से माफ़ी मांगें।
ECI का दो टूक जवाब
चुनाव आयोग ने साफ कहा, “यदि राहुल गांधी को अपने विश्लेषण और आरोपों पर भरोसा है, तो उन्हें घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ऐसा न करने पर यह माना जाएगा कि उनके आरोप बेबुनियाद हैं।” आयोग ने उन्हें दो विकल्प दिए: घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करें, देश से माफी मांगें ।
राहुल गांधी के आरोप क्या हैं?
राहुल गांधी ने हाल ही में दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक फर्जी वोटरों की मौजूदगी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर डुप्लीकेट नामों को मतदाता सूची में जोड़ा है।
उन्होंने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कई राज्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं:
कर्नाटक
महाराष्ट्र
मध्य प्रदेश
और तीन अन्य राज्य
डेटा नहीं देने का भी आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव आयोग उन्हें मशीन-पठनीय (machine-readable) वोटर डेटा नहीं दे रहा है। यदि यह डेटा मिलता, तो वे धांधली के पुख्ता सबूत पेश कर सकते थे।
राहुल गांधी के 5 सीधे सवाल ECI से
राहुल गांधी ने बेंगलुरु की ‘वोट अधिकार रैली’ में चुनाव आयोग से ये 5 सवाल पूछे:
विपक्ष को डिजिटल वोटर लिस्ट क्यों नहीं मिल रही?
CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों मिटाई जा रही है?
वोटर लिस्ट में फर्जी नाम कैसे जुड़ रहे हैं?
विपक्षी नेताओं को धमकाया और डराया क्यों जा रहा है?
चुनाव आयोग – क्या आप BJP के एजेंट बन चुके हैं?
