निर्वाचन आयोग का निर्देश: SIR कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों का नहीं होगा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

चुनावी कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं होंगे ट्रांसफर

निर्देशों के अनुसार, अब पुनरीक्षण कार्य की अवधि में निम्न अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला नहीं किया जाएगा — संभागायुक्त (रोल ऑब्जर्वर), कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), उप जिला निर्वाचन अधिकारी (Dy. DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी पर्यवेक्षक (BLO Supervisor), बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और इस कार्य में लगे अन्य कर्मचारी।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सीमा घोषित

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 को ध्यान में रखते हुए निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य 28 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ होकर 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ संपन्न होगा।

कानूनी प्रावधान के तहत निर्वाचन आयोग के अधीन रहेंगे अधिकारी

निर्देश में बताया गया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के अनुसार मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण और सुधार से संबंधित कार्यों में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे। इसलिए, इस अवधि में ऐसे किसी भी अधिकारी-कर्मचारी का स्थानांतरण आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।

उद्देश्य: मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में निरंतरता और पारदर्शिता

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने संबंधित विभागों से अनुरोध किया है कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के दौरान प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे और मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी व निर्बाध रूप से पूरी की जा सके।

 

Youthwings