वृद्धाश्रम में बदहाली का आलम, अव्यवस्थाओं के बीच जीवन गुजारने को मजबूर बुजुर्ग

बलरामपुर। जिन बुजुर्गों के पास कोई सहारा नहीं होता, उनके लिए वृद्धाश्रम आखिरी उम्मीद होता है, लेकिन वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम राजखेता में संचालित परख वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की हालत बेहद चिंताजनक सामने आई है। यहां अव्यवस्थाओं का खामियाजा जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़े बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है।

लंबे समय से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण अधिकतर स्टाफ काम छोड़ चुका है। पूर्व कर्मचारियों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद जब प्रशासन को वृद्धाश्रम की स्थिति की जानकारी मिली और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो हालात देखकर वे भी हैरान रह गए।

निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम के कई कमरों में ताले लगे मिले, जिसके चलते बुजुर्गों को ठंड के मौसम में दिन-रात गलियारों में गुजारना पड़ रहा था। बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण वृद्ध महिलाएं अंधेरे में खुद ही भोजन बनाती नजर आईं। इसके अलावा आश्रम परिसर में एक्सपायरी दवाइयों का जखीरा मिलने से स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।

समाज कल्याण विभाग द्वारा एनजीओ के माध्यम से संचालित इस वृद्धाश्रम की स्थिति को देखते हुए तहसीलदार गुरुदत्त पंचभावे ने तत्काल कमरों के ताले खुलवाए, ताकि बुजुर्गों को सुरक्षित रहने की जगह मिल सके। साथ ही वृद्धाश्रम संचालक को तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार और बुजुर्गों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां वृद्धाश्रम के संचालन के लिए 12 स्टाफ की आवश्यकता है, वहां केवल एक कर्मचारी के भरोसे व्यवस्था चलाई जा रही थी। कर्मचारियों के वेतन लंबित होने के कारण लगभग सभी काम बुजुर्गों को स्वयं करने पड़ रहे थे।

तहसीलदार गुरुदत्त पंचभावे ने बताया कि वृद्धाश्रम के डायरेक्टर द्वारा पिछले 13 महीनों से किराया नहीं दिए जाने के कारण मकान मालिक ने कमरों में ताले लगा दिए थे। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आई है। संचालक ने लिखित रूप में व्यवस्थाओं में सुधार और कर्मचारियों को भुगतान करने का आश्वासन दिया है।

हालांकि बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर स्थिति बनने से पहले नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया गया। अब प्रशासन की नजर पड़ने के बाद ही सही, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि वृद्धाश्रम की व्यवस्था में सुधार होगा और बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन मिल सकेगा।

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