Durg By Election Cancelled: भिलाई-रिसाली के 3 वार्डों के उपचुनाव निरस्त, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

Durg By Election Cancelled

Durg By Election Cancelled के तहत भिलाई और रिसाली नगर निगम के 3 वार्डों में होने वाले उपचुनाव निरस्त कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने आर्थिक भार को देखते हुए फैसला लिया।

Durg By Election Cancelled को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। दुर्ग जिले के भिलाई नगर पालिक निगम और रिसाली नगर निगम के तीन वार्डों में होने वाले उपचुनाव को राज्य निर्वाचन आयोग ने निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद लिया गया। पत्र में महज कुछ महीनों के लिए चुनाव कराने से शासन पर पड़ने वाले आर्थिक और प्रशासनिक भार का मुद्दा उठाया गया था।

 

किन वार्डों में होना था उपचुनाव

Durg By Election Cancelled के तहत रिसाली नगर निगम और भिलाई नगर निगम के कुल तीन वार्डों में उपचुनाव प्रस्तावित थे।

इनमें रिसाली नगर निगम के वार्ड क्रमांक 02 रूआबांधा और वार्ड क्रमांक 39 पुरैना शामिल थे। वहीं भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी में भी उपचुनाव होना था।

इन तीनों वार्डों के पार्षदों के निधन के बाद सीटें रिक्त हो गई थीं, जिसके चलते उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

 

चुनाव कार्यक्रम भी हो चुका था तय

Durg By Election Cancelled से पहले निर्वाचन प्रक्रिया की तारीखें भी घोषित कर दी गई थीं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी। इसके बाद 1 जून को मतदान और 4 जून को मतगणना प्रस्तावित थी।

राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब आयोग के फैसले के बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है।

 

केवल पांच महीने के लिए होता चुनाव

Durg By Election Cancelled के पीछे सबसे बड़ा कारण चुनाव की अवधि को बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक भिलाई और रिसाली नगर निगम का कार्यकाल जनवरी 2027 में समाप्त होने वाला है। ऐसे में इस साल दिसंबर में नगरीय निकाय चुनाव होने की संभावना पहले से ही बनी हुई है।

यदि उपचुनाव कराए जाते, तो निर्वाचित पार्षदों का कार्यकाल महज लगभग पांच महीने का ही रहता। इसी वजह से चुनाव कराने की आवश्यकता और उसके औचित्य पर सवाल उठाए गए थे।

 

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाया मुद्दा

Durg By Election Cancelled का मामला तब चर्चा में आया जब कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा।

पत्र में कहा गया कि इतने कम समय के लिए चुनाव कराने से शासन के धन, प्रशासनिक संसाधनों और सरकारी मशीनरी पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ेगा।

इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगने की बात भी उठाई गई थी।

 

निर्वाचन आयोग ने लिया बड़ा फैसला

Durg By Election Cancelled के बाद छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने मामले पर विचार किया और उपचुनाव निरस्त करने का निर्णय लिया।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद दुर्ग जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तीनों वार्डों के उपचुनाव निरस्त करने का आदेश जारी किया।

इस फैसले के बाद अब इन वार्डों में सीधे आगामी नगरीय निकाय चुनाव के दौरान ही मतदान होने की संभावना है।

 

प्रशासनिक खर्च बचाने की कोशिश

Durg By Election Cancelled को प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम फैसला माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उपचुनाव कराने में बड़ी मात्रा में सरकारी संसाधन खर्च होते हैं। मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा बल, चुनाव कर्मचारी और मतगणना सहित कई प्रक्रियाओं में भारी खर्च आता है।

ऐसे में कम अवधि के लिए चुनाव कराने की बजाय आगामी नगरीय निकाय चुनाव तक इंतजार करना प्रशासनिक रूप से बेहतर विकल्प माना गया।

 

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

Durg By Election Cancelled के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला व्यावहारिक और आर्थिक दृष्टि से सही है, जबकि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होने से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि निर्वाचन आयोग ने फैसले के पीछे आर्थिक और प्रशासनिक कारणों को प्रमुख आधार बताया है।

 

स्थानीय जनता पर क्या असर पड़ेगा

Durg By Election Cancelled का असर संबंधित वार्डों के नागरिकों पर भी पड़ेगा।

चूंकि इन वार्डों में फिलहाल निर्वाचित पार्षद नहीं होंगे, इसलिए स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

 

नगरीय निकाय चुनाव पर टिकी नजर

Durg By Election Cancelled के बाद अब लोगों की नजर आगामी नगरीय निकाय चुनाव पर टिकी हुई है।

संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में होने वाले चुनाव के दौरान ही इन वार्डों में नए पार्षद चुने जाएंगे।

राजनीतिक दल भी अब अपनी रणनीति आगामी निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार कर सकते हैं।

 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Durg By Election Cancelled को लेकर चुनाव विशेषज्ञों का कहना है कि कई राज्यों में कम अवधि बचने पर उपचुनाव टालने या निरस्त करने जैसे फैसले लिए जाते रहे हैं।

उनका मानना है कि यदि चुनाव अवधि बहुत कम बची हो और जल्द ही नियमित चुनाव होने वाले हों, तो प्रशासनिक खर्च बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया जा सकता है।

Durg By Election Cancelled के तहत भिलाई और रिसाली नगर निगम के तीन वार्डों में होने वाले उपचुनाव निरस्त कर दिए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने कम अवधि, आर्थिक भार और प्रशासनिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। अब इन वार्डों में सीधे आगामी नगरीय निकाय चुनाव के दौरान मतदान होने की संभावना है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों में हलचल तेज हो गई है।

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