Digital Tribal Museum: रायपुर में शुरू हुआ देश का पहला डिजिटल आदिवासी संग्रहालय, प्रधानमंत्री मोदी ने किया लोकार्पण
Digital Tribal Museum in Raipur
रायपुर: Digital Tribal Museum: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने आज इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया। यह देश का पहला डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम है, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है।
आधुनिकता और परंपरा का संगम
यह संग्रहालय तकनीक और परंपरा के अद्भुत मेल का प्रतीक है। इसमें वर्चुअल रियलिटी (VR), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मल्टीमीडिया इंटरेक्टिव डिस्प्ले जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। आगंतुकों को यहां ऐसा अनुभव होता है मानो वे स्वयं इतिहास के उसी कालखंड में मौजूद हों।
16 थीमेटिक गैलरियों में सजी आदिवासी गाथाएं
संग्रहालय में कुल 16 थीमेटिक गैलरी बनाई गई हैं, जिनमें से 14 तैयार हो चुकी हैं। इन गैलरियों में करीब 650 मूर्तियां स्थापित की गई हैं जो झंडा सत्याग्रह, जंगल सत्याग्रह और अन्य ऐतिहासिक आंदोलनों की झलक दिखाती हैं।
AI आधारित कैमरे से मिलेगा ‘आदिवासी रूप’
संग्रहालय की सबसे खास बात इसका AI-आधारित कैमरा सिस्टम है। जब कोई आगंतुक कैमरे के सामने खड़ा होता है, तो उसकी छवि स्क्रीन पर पारंपरिक आदिवासी पोशाक में बदल जाती है, जिससे उसे वास्तविक “आदिवासी अनुभव” प्राप्त होता है।
स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों का योगदान
इस परियोजना में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा और कोलकाता के कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का योगदान दिया है, जिससे यह संग्रहालय राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट बन गया है।
इतिहास, संस्कृति और वीरता की जीवंत झलक
संग्रहालय में न केवल कला और संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है, बल्कि आदिवासी समाज की वीरता, परंपरा और आत्मगौरव की कहानियों को भी जीवंत रूप में दिखाया गया है। यहां प्रदर्शित अस्त्र-शस्त्र, पारंपरिक वस्त्र और कलाकृतियां भावी पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेंगी।
