रामभद्राचार्य और प्रेमानंद महाराज विवाद पर बोले बाबा बागेश्वर, संतों की लड़ाई से सनातन को नुकसान
छतरपुर। मुंबई के भिवंडी स्थित बागेश्वर सनातन मठ में मंगलवार को गुरु दीक्षा कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने देश में संतों के बीच चल रही कथित विवादों पर अपनी राय रखी। हाल ही में जगतगुरु रामभद्राचार्य और प्रेमानंद महाराज के बीच विवाद की चर्चाओं पर शास्त्री ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर संतों की बातों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और इसका मकसद सिर्फ सनातन धर्म को बदनाम करना है।
“आग में घी डाल रहे हैं कुछ लोग”
बागेश्वर महाराज ने कहा, “कुछ लोगों का काम है आग में घी डालना। दो साधुओं की चर्चा में कुछ लोग आनंद ले रहे हैं। मैंने वीडियो देखा और बहुत दुख हुआ कि लोग कितना गलत फैला रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है जो संतों को आपस में भिड़ाकर सनातन धर्म की छवि धूमिल करना चाहते हैं।
रामभद्राचार्य और प्रेमानंद दोनों का किया सम्मान
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जगतगुरु रामभद्राचार्य के मन में किसी के प्रति द्वेष नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामभद्राचार्य ने राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट में रामलला के पक्ष में ऐतिहासिक विजय दिलाई, जबकि प्रेमानंद महाराज ने अपने भजनों और प्रवचनों से युवाओं को सनातन धर्म से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा— “दोनों अपनी-अपनी जगह वंदनीय हैं।”
“संतों की बात विवाद नहीं, सम्मान का विषय”
बागेश्वर धाम महाराज ने कहा कि संतों की बात को विवाद का रूप देना सनातन को कमजोर करने जैसा है। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया से अपील की कि संतों की आपसी बातों को तूल न दिया जाए। उन्होंने रामभद्राचार्य के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रेमानंद महाराज के प्रति उनके मन में कोई ईर्ष्या नहीं है और वे उन्हें गले लगाएंगे।
सनातन को कमजोर करने वालों को चेतावनी
शास्त्री ने चेतावनी दी कि कुछ लोग संतों को आपस में लड़वाकर सनातन धर्म की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह संतों का नहीं बल्कि पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने श्रद्धालुओं और अनुयायियों से अपील की कि वे इस तरह की अफवाहों में न पड़ें और संतों के बीच की बात को सम्मान का विषय मानें।
