Devendra Yadav MMS Case : विधायक ने थाने में दिया फोटो और वीडियो का सैंपल, कहा – नोटिस-नोटिस खेल रही पुलिस
Devendra Yadav MMS Case में विधायक सैंपल देने थाने पहुंचे। पुलिस पर दबाव और देरी के आरोप लगाए।
Devendra Yadav MMS Case एक बार फिर चर्चा में आ गया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है।
विधानसभा चुनाव के दौरान वायरल हुए कथित एमएमएस को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब पुलिस की कार्रवाई ने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।
सैंपल देने थाने पहुंचे विधायक
Devendra Yadav MMS Case में पुलिस की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद विधायक देवेन्द्र यादव भिलाई नगर कोतवाली थाना पहुंचे। यहां उन्होंने अपने फोटो और वीडियो के सैंपल दिए, जो जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
उनकी मौजूदगी के दौरान मीडिया की भी भारी भीड़ देखने को मिली और पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी रही।
नोटिस को लेकर उठाए सवाल
इस पूरे मामले में विधायक यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें 6 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया, जिसमें उसी दिन सुबह 11 बजे थाने में उपस्थित होने को कहा गया था।
हालांकि, उनका आरोप है कि नोटिस उन्हें डाक के जरिए दोपहर 1 बजे मिला, जिससे समय पर उपस्थित होना संभव ही नहीं था।
पुलिस पर लगाया दबाव में काम करने का आरोप
Devendra Yadav MMS Case को लेकर विधायक यादव काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शासन और प्रशासन के दबाव में काम कर रही है और जानबूझकर मामले को लंबा खींचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले में खुद प्रार्थी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें ही बार-बार नोटिस भेजा जा रहा है, जो कई सवाल खड़े करता है।
छवि खराब करने की साजिश का आरोप
विधायक यादव का कहना है कि चुनाव के दौरान वायरल किए गए इस कथित एमएमएस का मकसद उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना था।
उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
ढाई साल में क्यों नहीं पूरी हुई जांच?
Devendra Yadav MMS Case में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ढाई साल बीत जाने के बावजूद जांच अब तक पूरी क्यों नहीं हो पाई।
इस देरी को लेकर न केवल विधायक बल्कि उनके समर्थकों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर समय पर जांच पूरी होती, तो सच्चाई सामने आ चुकी होती।
विधानसभा में भी उठा चुका है मामला
इस मुद्दे को लेकर देवेन्द्र यादव पहले भी विधानसभा में आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया था कि इस मामले की जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब अन्य मामलों में केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराई जा सकती है, तो उनके मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया।
सीबीआई जांच की उठी मांग
Devendra Yadav MMS Case को लेकर विधायक ने केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है, ताकि किसी तरह की शंका न रहे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य नेताओं से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच संभव है, तो उनके मामले में भी समान न्याय मिलना चाहिए।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां इस मामले को कितनी तेजी और निष्पक्षता से आगे बढ़ाती हैं।
Devendra Yadav MMS Case में आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में देवेंद्र यादव युवा चेहरा माने जाते हैं। वे दो बार भिलाई नगर से विधायक चुने जा चुके हैं। 2018 में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडे को हराया था। हाल के वर्षों में वे कुछ अन्य विवादों में भी रहे, लेकिन एमएमएस कांड सबसे चर्चित रहा।
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