Devendra Yadav Hunger Strike: बीएसपी प्रबंधन से बातचीत के बाद विधायक देवेंद्र यादव का अनशन समाप्त, सेक्टर-9 हॉस्पिटल और मैत्रीबाग पर बनी सहमति

Devendra Yadav Hunger Strike: सेल भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से जुड़े अस्पताल, स्कूल, मैत्रीबाग, रिटेंशन स्कीम, लीज, न्यूनतम वेतन और निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर विधायक देवेंद्र यादव द्वारा सिविक सेंटर पार्किंग में किया जा रहा सत्याग्रह पांचवें दिन समाप्त हो गया। बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया।

भिलाई निवास में लगभग दो घंटे तक चली बैठक में बीएसपी के कार्यवाहक डीआईसी ईडी (एचआर) पवन कुमार, एसडीएम पिसदा सहित विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक अरुण वोरा, महापौर नीरज पाल, राजेंद्र परगनिहा, प्रदीप दास, सीजू एंथोनी और पूर्व महापौर नीता लोधी उपस्थित रहे। बैठक के बाद विधायक ने एआईसीसी और पीसीसी के वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा कर आगे की रणनीति तय की।

सेक्टर-9 हॉस्पिटल पर अहम फैसला

विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सेक्टर-9 हॉस्पिटल को लेकर हुआ। बीएसपी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल न तो बेचा जाएगा और न ही किसी निजी संस्था को लीज पर दिया जाएगा। वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं में कोई कटौती नहीं होगी। साथ ही बंद पड़ी यूनिटों को पुनः शुरू करने और बाहरी सुविधाएं लेने पर भी सहमति बनी, जिससे मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।

मैत्रीबाग का संचालन करेगी सरकार

मैत्रीबाग को लेकर भी स्पष्ट निर्णय सामने आया कि इसका संचालन किसी निजी संस्था को नहीं सौंपा जाएगा। यदि छत्तीसगढ़ सरकार इसे अपने अधीन लेती है तो बीएसपी को कोई आपत्ति नहीं होगी। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार की भागीदारी ही स्वीकार्य है।

रिटेंशन स्कीम और लीज पर सहमति नहीं

रिटेंशन स्कीम और लीज के मुद्दों पर बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। विधायक ने दो टूक कहा कि किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं होने दिया जाएगा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मकान देने, पुराने दरों को लागू रखने और बढ़े हुए शुल्क को वापस लेने की मांग पर आंदोलन जारी रहेगा।

न्यूनतम वेतन के मुद्दे पर ट्रेड यूनियनों के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो बीएसपी के मेन गेट पर दोबारा अनशन किया जाएगा।

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