दो साल की उपलब्धियों पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस, गृह-जेल विभाग की कार्यप्रणाली पर रखा विस्तृत रिपोर्ट कार्ड
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को दो वर्षों की उपलब्धियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने गृह और जेल विभाग से जुड़े सुधारात्मक कार्यों, तकनीकी नवाचारों, नक्सल विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम आंकड़ों को साझा किया। विजय शर्मा ने कहा कि जनवरी 2024 से नई सोच के साथ कामकाज की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा है।
छह माह में सभी जिलों में ऑनलाइन सिस्टम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में छह माह के भीतर ऑनलाइन सिस्टम लागू किया जाएगा। वर्तमान में ICGS सिस्टम को प्रयोग के तौर पर दो जिलों में लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ई-साक्ष्य जैसे तकनीकी प्रयोगों से पुलिस का मनोबल बढ़ा है। ई-साक्ष्य प्रणाली के तहत दर्ज बयान से कोई भी व्यक्ति बाद में मुकर नहीं सकता, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक मजबूत हुई है।
कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम से बढ़ी जवाबदेही
सरकार ने कंप्लेन मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया है, जिसके तहत शिकायतें सीधे ऑनलाइन वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही हैं। विजय शर्मा ने कहा कि इससे शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई शुरू हो जाती है, जिससे आम नागरिकों का भरोसा सिस्टम पर बढ़ा है।
धर्मांतरण, आतंकी गतिविधि और अवैध प्रवास पर सख्ती
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े अपराध पहले 38 थे, जो पिछले दो वर्षों में बढ़कर 67 दर्ज हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए वैमनस्य कम करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में काम किया है।
इसके साथ ही— आतंकी गतिविधियों, अवैध प्रवासियों के मामलों में भी सख्त कार्रवाई की गई। सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया और टोल-फ्री नंबर के माध्यम से सूचनाएं एकत्र की गईं। उन्होंने बताया कि FIR और कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने तक होल्डिंग सेंटर बनाए गए, कुछ मामलों में भारत छोड़ने के आदेश जारी किए गए और अब तक 34 लोगों को डिपोर्ट किया गया है।
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नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह संकल्पित है और 31 मार्च 2026 तक देशभर से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले दो वर्षों में— 532 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2700 नक्सलियों का पुनर्वास, 2000 से अधिक नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुनर्वास केंद्रों में अब नक्सलियों के परिजनों को भी शामिल किया जा रहा है। जेल में भी परिवार से मुलाकात की सुविधा दी जा रही है।
विजय शर्मा ने कहा, “अगर जंगल से पुनर्वास संभव है, तो जेल से भी पुनर्वास संभव है।” आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों का विवाह भी कराया गया है और पुनर्वास किट में मोबाइल फोन तक शामिल किया गया है। पुनर्वास के बाद आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
झीरम कांड को लेकर बड़ा बयान
झीरम घाटी कांड को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि इसका बदला हमारे सशस्त्र बलों के जवान ले रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने पांच साल के शासन में अपने ही नेताओं की शहादत की जांच तक नहीं कराई।
