Delhi Flood: दिल्ली की सड़कों पर दरिया, मेट्रो स्टेशन तक बंद – जानिए क्या है हालात

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बाढ़ का संकट अभी भी गंभीर बना हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से अब पानी कश्मीरी गेट ISBT से लेकर ITO रोड और कालिंदी कुंज जैसे इलाकों में भी घुस गया है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने 5 सितंबर के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर बारिश और तेज हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

यमुना का पानी कई इलाकों में घुसा

यमुना के उफान ने यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट और मयूर विहार जैसे इलाकों में बुरा हाल कर दिया है। अब तक 14,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। ITO, मयूर विहार और गीता कॉलोनी में राहत शिविर लगाए गए हैं।

सभी रेगुलेटर ड्रेन्स बंद

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने दिल्ली के सभी 13 रेगुलेटर ड्रेन्स बंद कर दिए हैं। यमुना तट से लगते नालों पर बालू से भरे बोरे रख दिए गए हैं ताकि पानी निचले इलाकों में न घुस सके। इन ड्रेन्स में मैग्जीन रोड नाला, पुराना चंद्रावल नाला, खैबर पास नाला, विजय घाट नाला, दिल्ली गेट नाला, नाला संख्या 12-ए, नाला संख्या 14 समेत अन्य शामिल हैं।

लोहे का पुल बंद, ट्रैफिक डायवर्ट

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुराने लोहे के पुल (लोहा पुल) को 2 सितंबर से ही वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं।

जलस्तर में मामूली गिरावट

बाढ़ की स्थिति के बीच राहत की खबर यह है कि यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। शुक्रवार तड़के 5 बजे जलस्तर 207.35 मीटर दर्ज किया गया, जो गुरुवार शाम 7 बजे के मुकाबले थोड़ा कम है। केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि 5 सितंबर तक जलस्तर घटकर 205 मीटर तक पहुंच सकता है और आगे भी गिरावट जारी रहेगी।

कश्मीरी गेट बस अड्डा और DTC डिपो जलमग्न

कश्मीरी गेट ISBT परिसर में बुधवार को भरा पानी गुरुवार तक नहीं निकल सका। बसें पानी में खड़ी करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं। वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ने से डीटीसी इंद्रप्रस्थ डिपो में भी पानी भर गया, जिससे बसों के परिचालन पर असर पड़ा।

यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर निकास रोका गया

ब्लू लाइन मेट्रो पर स्थित यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर गुरुवार को यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास रोक दिया गया। हालांकि मेट्रो का संचालन और इंटरचेंज सुविधा जारी रही।

कुल मिलाकर, हालात में थोड़ी राहत भले मिल रही हो, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। दिल्ली प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

 

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