Defence News: भारत की सैन्य ताकत में बड़ी बढ़ोतरी, अमेरिका देगा घातक हथियार, रूस देगा स्टील्थ फाइटर
Defence News: भारत की सैन्य शक्ति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिका ने भारत को महत्वपूर्ण हथियारों की सप्लाई के लिए हरी झंडी दे दी है, वहीं रूस ने भारत को पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान सुखोई-57 (Su-57) देने का प्रस्ताव रखा है। इन दोनों सौदों के साथ भारत की वायु सेना और आर्टिलरी क्षमता में बड़ा बढ़ोतरी होने वाली है।
भारत–अमेरिका रक्षा सौदा: क्या मिलेगा भारत को?
अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने 100 FGM-148 Javelin Anti-Tank Missiles, 25 Light Command Launch Units, और 216 Excalibur Precision Artillery Rounds की बिक्री को मंजूरी दे दी है।
इस सौदे को औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस को भेज दिया गया है, जिसके बाद यह डील पूरी तरह से लागू हो जाएगी।
क्या-क्या शामिल है?
100 जैवेलिन मिसाइलें (FGM-148 Javelin Missiles)
25 हल्के कमांड लॉन्च यूनिट
216 ‘Excalibur’ प्रिसिजन आर्टिलरी राउंड
इनके संचालन, प्रशिक्षण, सुरक्षा और मेंटेनेंस से जुड़े सपोर्ट पैकेज भी शामिल हैं।
अमेरिका ने क्या कहा?
DSCA के अनुसार यह डील—
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।
भारत की सीमा सुरक्षा क्षमता को बढ़ाएगी।
भारत को वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी।
अमेरिका ने यह भी साफ किया कि यह हथियार सौदा दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगा।
जैवेलिन मिसाइल क्यों इतनी खास है?
जैवेलिन मिसाइल आज दुनिया की सबसे एडवांस्ड कंधे से दागी जाने वाली एंटी-टैंक मिसाइल है।
इसकी खासियतें—
टॉप-अटैक मोड: टैंक के सबसे कमजोर हिस्से पर ऊपर से हमला
सॉफ्ट लॉन्च: बंकर या इमारत के अंदर से भी दागी जा सकती
अत्यधिक सटीकता: यूक्रेन युद्ध में रूसी T-72 और T-90 टैंकों पर बेहद प्रभावी साबित
Excalibur Artillery Round क्या करता है?
Excalibur GPS-Guided आर्टिलरी राउंड—
लक्ष्य पर इंच-स्तर की सटीकता से हमला करता है
कोलेटरल डैमेज कम करता है
सेना की लंबी दूरी वाली आर्टिलरी क्षमता को खतरनाक रूप से बढ़ाता है
अमेरिका पहले भी भारत को यह तकनीक दे चुका है।
रूस ने क्या ऑफर किया? Su-57 स्टील्थ फाइटर
अमेरिका के पैकेज के कुछ दिनों बाद रूस ने भारत को एक और बड़ा प्रस्ताव दिया है।
रूस ने ऑफर दिया है कि—
भारत में ही Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का उत्पादन किया जाए
भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर दिया जाएगा
दो-सीटर वर्ज़न भी भारत के साथ मिलकर विकसित किया जा सकता है
रूस की यह पेशकश राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा से ठीक पहले आई है, इसलिए इसे एक संभावित बड़े रक्षा सौदे का संकेत माना जा रहा है।
क्या बदल जाएगा भारत की रक्षा क्षमता में?
इन दोनों सौदों से— भारत की वायु शक्ति, सीमा सुरक्षा, एंटी-टैंक क्षमता, और आर्टिलरी स्ट्राइक पावर काफी ज्यादा अपग्रेड हो जाएगी।
भारत के लिए यह सौदे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
