रेत माफिया ऑडियो वायरल को लेकर कांग्रेस का बीजेपी पर आरोप- “AI से छेड़छाड़, बदनाम करने की साजिश”
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में उस समय हलचल मच गई जब पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश का रेत माफिया से पैसों की डील का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल क्लिप में कलेक्टर और एसडीएम तक को हिस्सा देने की बात कही गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया साज़िश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले में विधायक से बातचीत के बाद कहा कि “यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जमाने में छेड़छाड़ किया गया ऑडियो है, जिसका मकसद विधायक को बदनाम करना है।”
विधायक की सफाई – “मेरी आवाज़ नहीं, यह षड्यंत्र है”
विधायक शेषराज हरवंश ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह ऑडियो उनकी आवाज़ नहीं है, बल्कि एडिट किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक माह पहले ही उन्हें सूचना मिल गई थी कि इस तरह का ऑडियो बनाकर वायरल करने की तैयारी हो रही है।
विधायक ने राजेश भारद्वाज पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा षड्यंत्र उसी ने रचा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे पैसा और ज़मीन का लालच देकर अवैध रेत कारोबार को बढ़ावा देने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया।
“अवैध कारोबार में दोनों दलों के नेता शामिल”
शेषराज हरवंश ने कहा कि पामगढ़ की महानदी के सभी रेत घाट अवैध हैं और इसमें कांग्रेस व बीजेपी दोनों दलों के नेताओं की मिलीभगत है। यहां तक कि दो सरपंच भी उन्हें बदनाम करने की कोशिश में शामिल हैं।
वायरल ऑडियो में पैसों के लेनदेन की बात
वायरल क्लिप में कथित तौर पर विधायक शेषराज हरवंश और रोशन नामक व्यक्ति के बीच बातचीत है। इसमें कहा गया कि – “2 लाख कलेक्टर को, 2 लाख SDM को और 5 लाख मुझे देने होंगे।” साथ ही राघवेंद्र नाम के शख्स को भी 1 लाख रुपये देने की बात सामने आई। यानी कुल 10 लाख रुपये के मासिक भुगतान पर चर्चा की गई।
जांच और राजनीतिक गरमाहट
हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। लेकिन इसके सामने आते ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
