SBI में फिल्मी अंदाज में 17.52 लाख की साइबर ठगी, फर्जी लेटरपैड और कॉल से रची गई चाल, 15 मिनट में खुल गया राज
SBI
रायपुर। राजधानी के रामसागरपारा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक शाखा में साइबर ठगों ने बेहद शातिर और फिल्मी अंदाज में 17 लाख 52 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। ठगों ने पहले फर्जी पहचान और विश्वास जीतने की रणनीति अपनाई, फिर नकली लेटरपैड और कॉल्स के जरिये बैंक मैनेजर को झांसा देकर बड़ी रकम ट्रांसफर करा ली। हालांकि समय रहते बैंक को शक हो गया और पुलिस में शिकायत दर्ज होते ही खाते में बचे 14 लाख रुपये होल्ड कर लिए गए।
ऐसे शुरू हुई ठगी की स्क्रिप्ट
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को शाखा प्रबंधक आशुतोष कुमार (निवासी गिरिडीह, झारखंड) को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को बैंक का पूर्व शाखा प्रबंधक कार्तिक राउत बताया और कहा कि “कृष्णा बिल्डर्स” के डायरेक्टर सुनील तापड़िया पुराने और विश्वसनीय ग्राहक हैं। कॉलर ने अनुरोध किया कि यदि सुनील तापड़िया का कॉल आए तो उनकी मदद जरूर करें।
नकली लेटरपैड और दूसरा कॉल
11 अगस्त को शाखा प्रबंधक को दोबारा कॉल आया, इस बार कॉल करने वाला खुद को सुनील तापड़िया बता रहा था। उसने बताया कि वह रजिस्ट्री ऑफिस में व्यस्त है और व्हाट्सऐप पर एक लेटरपैड भेजा। इस लेटरपैड पर कृष्णा बिल्डर्स के नाम से 17.52 लाख रुपये सरफराज अंसारी (निवासी राजस्थान) के खाते में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया था। बिना पुष्टि किए, शाखा प्रबंधक ने रकम ट्रांसफर कर दी।
रकम का भागा हिस्सा, बाकी रोकी गई
राशि ट्रांसफर होते ही साइबर ठगों ने 3 लाख रुपये तुरंत निकाल लिए। जैसे ही बैंक को शक हुआ, वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तत्परता दिखाते हुए बैंक ने बाकी बचे 14 लाख रुपये होल्ड कर लिए।
असली सुनील तापड़िया का कॉल और खुलासा
ठगी के 15 मिनट बाद ही असली सुनील तापड़िया का कॉल शाखा प्रबंधक के पास आया। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं करवाया है। जब वे बैंक पहुंचे तो खुलासा हुआ कि इस्तेमाल किया गया लेटरपैड और मोबाइल नंबर दोनों फर्जी थे। बैंक को समझ आ गया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर क्राइम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए, उस पर नजर रखते हुए आरोपियों की तलाश जारी है।
