पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इंकार, पिटाई के आरोप लगाए

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में धनंजय ज्वेलर्स दुकान में 30-31 अक्टूबर की रात हुई करीब 50 लाख रुपये की चोरी मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को जशपुर जिले से गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी 19-21 वर्षीय उमेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने से जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार कर दिया और मुआवजे सहित FIR दर्ज करने की मांग की। प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच शुरू कर दी है।

 

बादी गैंग का सदस्य था उमेश, कई जिलों में दर्ज हैं मामले

सूत्रों के अनुसार, मृतक उमेश सिंह और उसके परिवार के कई सदस्य कुख्यात बादी गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। यह गैंग छत्तीसगढ़ के कई जिलों में चोरी-डकैती की बड़ी घटनाओं को शातिराना अंदाज में अंजाम दे चुका है। उमेश के पिता सहित परिवार के सदस्यों पर कई प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस ने चोरी का सामान बरामद करने के बाद उमेश को बलरामपुर लाते समय उसकी तबीयत बिगड़ी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आधे घंटे में मौत हो गई। डॉक्टरों ने सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी बताया।

 

परिजनों का आरोप: पुलिस पिटाई से मौत, मुआवजा और FIR की मांग

परिजनों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने घर से पकड़ते समय और थाने में बेरहमी से पीटा, जिससे मौत हुई। शव लेने से इंकार कर उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। पोस्टमॉर्टम के बाद भी शव नहीं लिया। ASP हरिशंकर त्रिपाठी ने आरोपों को खारिज कर मेडिकल कारण बताया और जांच टीम गठित की।

 

चोरी का पर्दाफाश: 50 लाख का माल बरामद

पुलिस ने सरगुजा के सीतापुर जंगल से चार मुख्य आरोपी शिव कुमार, सूरज सिंह, वेद सिंह और सूर्या गिरी सहित कुल 9 को पकड़ा। आरोपियों से सोना-चांदी, 3.5 लाख कैश, 4 टू-व्हीलर और 2 आईफोन बरामद हुए। गैंग ने सूरजपुर की एक अन्य ज्वेलरी दुकान में भी चोरी की थी।

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