अमेरिका-ईरान जंग से वैश्विक बाजार में हाहाकार: 100 डॉलर के पार निकला कच्चा तेल; पेट्रोल-डीजल पर बढ़ेगा संकट?
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव और रणनीतिक समुद्री मार्गों पर जहाजों पर हो रहे हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 फीसदी तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ 101.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.81 फीसदी की छलांग लगाकर 97.79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संकट: एक-चौथाई रह गया तेल का प्रवाह
कच्चे तेल में आई इस ताजा आग की मुख्य वजह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में उपजा गंभीर संकट है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि अमेरिका द्वारा उसके 5 तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद उसने जवाब में होर्मुज जलमार्ग के निकट 10 जहाजों पर हमला किया है। ईरानी सेना ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उस पर और हमले हुए तो उसकी प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक आक्रामक होगी। रिपोर्टों के अनुसार टैंकरों पर हुए लगातार हमलों के बाद इस मार्ग से कच्चे तेल का दैनिक प्रवाह युद्ध-पूर्व स्तर का मात्र एक-चौथाई रह गया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने का खतरा चरम पर पहुंच गया है।
MCX पर क्रूड ऑयल में मजबूती: 9,400 रुपये तक जा सकते हैं भाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तेजी का सीधा असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिला।
वर्तमान भाव: घरेलू बाजार में कच्चा तेल मामूली बढ़त के साथ करीब 9,140 रुपये पर कारोबार कर रहा है और यह 9,150 से 9,200 रुपये के कड़े रेजिस्टेंस जोन को टेस्ट कर रहा है।
आगे का स्तर: कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि यदि MCX क्रूड 9,200 रुपये के स्तर से ऊपर टिका रहता है, तो यह तेजी 9,350 से 9,400 रुपये के अगले रेजिस्टेंस स्तर तक जा सकती है।
सपोर्ट लेवल: बाजार के लिए तत्काल सपोर्ट 9,000–8,950 रुपये पर है, जबकि इसके नीचे 8,800–8,750 रुपये का स्तर मजबूत आधार का काम करेगा।
टेक्निकल इंडिकेटर: MCX क्रूड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स लगभग 71 पर है। यह मजबूत मोमेंटम को दर्शाता है, हालांकि इतने ऊंचे स्तर पर निकट अवधि में हल्का कंसॉलिडेशन भी संभव है। जब तक भाव 9,000 रुपये से ऊपर हैं, इसका ओवरऑल ट्रेंड बेहद मजबूत बना हुआ है।
WTI क्रूड का रुख: 98 के पार जाने पर 100 का लक्ष्य
अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजार में 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। तकनीकी जानकारों के अनुसार:
रेजिस्टेंस और टारगेट: यदि WTI मजबूती के साथ 98 डॉलर के स्तर को पार करता है, तो यह सीधा 100 डॉलर प्रति बैरल की दिशा में बढ़ सकता है।
सपोर्ट जोन: नीचे की ओर 95–94 डॉलर और उसके बाद 92–91 डॉलर का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
आरएसआई (RSI): WTI का आरएसआई 69 के आसपास है, जो स्पष्ट करता है कि व्यापक स्तर पर तेजी का रुझान बरकरार है। हालांकि 95 डॉलर से नीचे फिसलने पर इसमें तकनीकी करेक्शन आ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका-ईरान के बीच मिसाइल और टैंकर युद्ध शांत नहीं होता, तब तक कच्चे तेल में तेजी का रुख बना रहेगा, जिसका असर आने वाले दिनों में विभिन्न देशों में ईंधन की खुदरा कीमतों और महंगाई पर दिख सकता है।
