CRPF का K-9 डॉग ‘EGO’ अब नहीं रहा, नक्सल प्रभावित इलाकों में बचाई थीं क जवानों की जान.. सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

सुकमा। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के बहादुर के-9 डॉग ‘ईगो’ को आज दोरनपाल मुख्यालय में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 28 अक्टूबर 2025 को सेवा काल के दौरान देश की रक्षा में अनुपम योगदान देने और अनेक जवानों की जान बचाने वाले ‘ईगो’ का निधन हो गया। विदाई के समय जवानों और अधिकारियों की आंखें नम थीं, सभी अपने साथी को भावुक श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।

आईईडी खोज और ट्रैकिंग में प्रदर्शित अदम्य साहस
‘ईगो’ 74वीं बटालियन, सीआरपीएफ का एक अत्यधिक कुशल और साहसी के-9 था। अपने कार्यकाल में उसने कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया और विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की खोज तथा ट्रैकिंग में असाधारण भूमिका निभाई। उसकी सूझबूझ और सतर्कता से कई बड़े हादसे टल गए और दर्जनों जवानों की जानें बचीं।

जवानों ने दी अंतिम सलामी
श्रद्धांजलि समारोह में कमांडेंट हिमांशु पांडे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने ‘ईगो’ के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उसे अंतिम सलामी दी। बटालियन के जवानों द्वारा ड्यूटी साथी को सैल्यूट किए जाने पर वातावरण में भावुक मौन छा गया।

 

कमांडेंट ने कहा – ‘ईगो केवल ड्यूटी डॉग नहीं, परिवार का सदस्य था’
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “ईगो केवल एक ड्यूटी डॉग नहीं था, बल्कि हमारी बटालियन परिवार का अभिन्न अंग था। उसने अपनी सेवा, निष्ठा और बहादुरी से हम सभी का मस्तक गर्व से ऊंचा किया। उसका योगदान और समर्पण हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।”

सीआरपीएफ परिवार ने दी श्रद्धांजलि
सीआरपीएफ परिवार ने ‘ईगो’ की निष्ठा, वीरता और सेवाभाव को नमन करते हुए कहा कि ऐसे योद्धा सदैव स्मरणीय रहेंगे। उसकी स्मृति आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का संदेश देती रहेगी।

‘ईगो’ ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन उसकी बहादुरी और योगदान सीआरपीएफ के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।

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