छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा 21,530 करोड़ का मुद्दा, महंत ने केंद्रीय बलों के खर्च पर मांगा जवाब

Raipur। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर हुए खर्च का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने गृहमंत्री Vijay Sharma से केंद्र सरकार द्वारा मांगी गई 21,530 करोड़ रुपये की राशि को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

 

सदन में महंत ने कहा कि 25 जून को केंद्र सरकार की ओर से एक नोटिस आया, जिसमें राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर हुए 21,530 करोड़ रुपये के खर्च का भुगतान केंद्रीय गृह मंत्रालय को करने की बात कही गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य के बजट में इस बड़ी राशि का कहीं उल्लेख नहीं है, ऐसे में सरकार यह भुगतान किस मद से करेगी।

 

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि 17 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस राशि को माफ करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में Ministry of Home Affairs (India) ने कहा कि इस राशि का भुगतान चार किश्तों में किया जा सकता है।

 

महंत ने पूछा कि इतनी बड़ी राशि आखिर किन-किन मदों में खर्च हुई और इसका विस्तृत ब्यौरा सदन के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र-राज्य संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि जब Manmohan Singh देश के प्रधानमंत्री थे और राज्य में Raman Singh मुख्यमंत्री थे, तब इस तरह से राज्य से पैसे की मांग नहीं की गई थी।

 

इस पर जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र से आया पत्र पिछली सरकार के समय से लेकर अब तक की अवधि से जुड़ा हुआ है और फिलहाल इसका फाइनल सेटलमेंट किया जा रहा है।

 

गृहमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद का खात्मा करना है और इसके बाद 31 मार्च 2027 तक केंद्रीय सशस्त्र बलों की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस राशि के भुगतान को लेकर वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री अंतिम निर्णय लेंगे और इससे राज्य के वित्तीय ढांचे पर कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।

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