130वां संविधान संशोधन बिल 2025: 30 दिन जेल में रहने पर पीएम, सीएम और मंत्री होंगे पद से बर्खास्त
मोदी सरकार राजनीति में अपराध रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में तीन अहम विधेयक पेश करेंगे, जिनमें संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 भी शामिल है। इसके तहत यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिन तक जेल में रहता है, तो 31वें दिन से उसका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
संसद में पेश होने वाले तीन विधेयक:
- गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025 – केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री या मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में हटाने का प्रावधान।
- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 – अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन कर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को गंभीर अपराध में 30 दिन की हिरासत के बाद स्वतः पद से हटाने का प्रावधान।
- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 – जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 में संशोधन कर सीएम या मंत्रियों को गिरफ्तारी की स्थिति में 30 दिन बाद पदमुक्त करने का प्रावधान।
संशोधन के प्रमुख पहलू:
- अनुच्छेद 75 (केंद्र सरकार):
यदि कोई केंद्रीय मंत्री 30 दिन तक जेल में है तो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर उसे पद से हटा देंगे। सलाह न होने पर मंत्री स्वतः पदमुक्त होगा।
यदि प्रधानमंत्री खुद 30 दिन जेल में रहते हैं तो 31वें दिन उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। - अनुच्छेद 164 (राज्य सरकार):
राज्य मंत्री 30 दिन जेल में रहने पर सीएम की सलाह पर राज्यपाल उसे हटाएंगे, अन्यथा 31वें दिन पद स्वतः समाप्त होगा।
यदि मुख्यमंत्री खुद 30 दिन जेल में रहते हैं तो उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा। - अनुच्छेद 239AA (दिल्ली सरकार):
दिल्ली के सीएम और मंत्रियों के लिए भी यही नियम लागू होगा।
हालांकि, प्रावधान यह भी रहेगा कि जेल से रिहाई के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को दोबारा नियुक्त किया जा सकेगा।

अन्य बड़ा फैसला – ऑनलाइन गेमिंग बैन बिल
केंद्र सरकार लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने वाला बिल भी पेश कर सकती है। इसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग, विज्ञापन और प्रलोभन पर रोक लगाई जाएगी। उल्लंघन पर तीन साल की कैद या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
क्यों आया यह बिल?
सरकार का कहना है कि अब तक केवल दोषी साबित हुए नेताओं को ही पद से हटाया जा सकता था। गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में संवैधानिक पदधारकों को हटाने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इसी कारण कई बार राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़े होते रहे हैं। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी गिरफ्तारी के बाद भी पद पर बने रहे थे।
