सुशासन की परीक्षा शुरू: इस गांव में उतरा मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर, लापरवाही पर अफसरों की लगेगी क्लास!

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का औचक निरीक्षण प्रारम्भ हो गया है. इसके तहत वे बिना किसी अग्रिम जानकारी के प्रदेश के किसी भी गांव में पहुंच सकते हैं, जहां सीएम ग्रामीणों से सीधी बात करेंगे और सुविधाओं के बारे में जानकारी लेंगे। उनके हेलीकाप्टर की पहली लैंडिंग सक्ति जिले के बंदौरा गांव मे हुई है। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही गांव में उतरा, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई और उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करीगांव में पीपल के पेड़ के नीचे पारंपरिक चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने हल्दी-चावल का तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, साथ ही कमल का फूल भेंट कर आभार जताया।

ग्रामीणों से खाट पर बैठकर की बातचीत:

मुख्यमंत्री ने सहज और आत्मीय वातावरण में खाट पर बैठकर गांववालों से उनकी समस्याएं और योजनाओं के लाभ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव पी. दयानंद भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं का संज्ञान लिया और निराकरण की दिशा में पहल की।

करिगाँव में मुख्यमंत्री की घोषणा:

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करिगांव में चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने करिगांव में एक नए पंचायत भवन के निर्माण की घोषणा की, जिससे ग्रामीण प्रशासनिक कार्यों के लिए अब गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि सप्ताह में एक दिन पटवारी कार्यालय करिगांव में ही संचालित किया जाएगा, जिससे जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो सके। गांव में स्थित देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण का भी वादा किया गया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को सशक्त किया जा सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने गांव में अवैध भूमि कब्जों की शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिससे ग्रामवासियों को न्याय मिल सके।

अधिकारियों की लगेगी क्लास?

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस औचक दौरे का उद्देश्य सिर्फ ग्रामीणों से संवाद करना ही नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत की परख करना भी है। यदि किसी गांव में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या अव्यवस्था पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सुशासन तिहार केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता की असली परीक्षा है। ऐसे में अगर किसी गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी या योजनाओं में गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार अफसरों की क्लास लगना तय है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #CGKaSuShasan:

मुख्यमंत्री के इस आकस्मिक दौरे की चर्चा सोशल मीडिया पर भी जमकर हो रही है। ट्विटर (एक्स) पर #CGKaSuShasan हैशटैग के साथ यह खबर ट्रेंड कर रही है। लोग मुख्यमंत्री के जमीनी स्तर पर जाकर संवाद करने की शैली की सराहना कर रहे हैं।

31 मई तक चलेगा सुशासन तिहार का तीसरा चरण:

उल्लेखनीय है कि प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार का तीसरा चरण आज से शुरू हो रहा है, जो 31 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज आकस्मिक भ्रमण पर निकलेंगे। मुख्यमंत्री साय किसी भी गांव में आकस्मिक रूप से जाएंगे और वहां लोगों से सीधा संवाद करेंगे। उनका यह भ्रमण गोपनीय है। मुख्यमंत्री समाधान शिविरों में भी जाएंगे और लोगों से योजनाओं का फ़ीड बेक लेंगे। मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी.दयानंद मौजूद हैं।

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