होमवर्क न करने पर बच्चे को पेड़ पर लटकाया: हाई कोर्ट ने दिखाई सख्ती—शिक्षा सचिव से मांगा शपथपत्र, 32 निजी स्कूलों का मान्यता भी रद्द

होमवर्क न करने पर बच्चे को पेड़ पर लटकाया

होमवर्क न करने पर बच्चे को पेड़ पर लटकाया

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में निजी स्कूल के शिक्षकों की अमानवीय हरकत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें नर्सरी में पढ़ने वाले मासूम बच्चे को कपड़े और रस्सी के सहारे पेड़ पर लटकाकर घंटों तक सजा दी गई। इस घटना पर अब बिलासपुर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे बेहद गंभीर बताया है और शिक्षा सचिव से 9 दिसंबर तक शपथपत्र मांगा है।

कैसे सामने आया मामला

हंस वाहिनी विद्या मंदिर, नारायणपुर (आमापारा) का यह वीडियो एक ग्रामीण ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फुटेज में बच्चा पेड़ से लटका हुआ दिखाई देता है और उसी अवस्था में घूमता नजर आता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि शिक्षिकाओं ने इतना क्रूर कदम क्यों उठाया।

क्यों भड़के अभिभावक

वीडियो सामने आते ही अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंचकर विरोध जताने लगे और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस घटना ने शिक्षा के मंदिर में क्रूरता की नई बहस छेड़ दी है।

होमवर्क पूरा न करने पर दिया गया था ‘पेड़ वाला दंड’

जांच में सामने आया कि बच्चा नर्सरी में पढ़ता है और उसका होमवर्क पूरा नहीं था। इसके बाद दो शिक्षिकाओं ने अनुशासन के नाम पर उसे रस्सी से पेड़ पर लटका दिया। बच्चों ने और भी चौंकाने वाले आरोप लगाए कि शिक्षिका अक्सर कुएं पर लटकाकर डराती है।

जिला शिक्षा अधिकारी की त्वरित कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने टीम को मौके पर भेजा और जांच शुरू करवाई। अधिकारियों ने साफ कहा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर माना है।

32 निजी स्कूल एक साथ बंद—मान्यता रद्द

जांच के दौरान पाया गया कि कई निजी स्कूल बुनियादी मानकों को पूरा नहीं करते। इसके बाद ज़िला शिक्षा अधिकारी ने 32 निजी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और उनकी मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलेभर में निजी स्कूलों की सख्त जांच शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों।

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