Chhattisgarh Nurses Council Scam: फर्जी दस्तावेजों से वित्तीय गड़बड़ी, 6 लोगों पर FIR दर्ज
Chhattisgarh Nurses Council Scam में फर्जी दस्तावेजों से वित्तीय अनियमितता सामने आई। 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, रजिस्ट्रार निलंबित।
Chhattisgarh Nurses Council Scam को लेकर रायपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत जांच कराई, जिसके बाद कई लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ की ओर से 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई गई है। इस आधार पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
425 पन्नों की जांच रिपोर्ट
Chhattisgarh Nurses Council Scam की जांच के बाद डिप्टी डायरेक्टर निधि ग्वालरे ने गोलबाजार थाने में 425 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
जांच में पाया गया कि काउंसिल से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लाभ उठाने की कोशिश की।
किन-किन पर हुई कार्रवाई
Chhattisgarh Nurses Council Scam के तहत जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उनमें काउंसिल की निलंबित रजिस्ट्रार दुर्गावती उसारे (कुंजाम) का नाम प्रमुख है।
इसके अलावा कांकेर जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र की सुरीला जैन, अंबागढ़ चौकी कॉलेज की काजोल साहू, जांजगीर-चांपा के वसंता कुमार और मंजू एमएल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
अन्य अधिकारियों पर भी आरोप
Chhattisgarh Nurses Council Scam की जांच में यह भी सामने आया है कि नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल रायपुर के मैथ्यू फर्नाडिज और नरेंद्र देवांगन ने भी तथ्यों को छिपाने और भ्रामक जानकारी देने का प्रयास किया।
इन दोनों पर पद के दुरुपयोग के आरोप भी लगे हैं। इसके चलते उनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
रजिस्ट्रार को किया गया निलंबित
Chhattisgarh Nurses Council Scam के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए काउंसिल की रजिस्ट्रार दुर्गा उसारे को निलंबित कर दिया है।
उन्हें उनके पद से हटाकर रायपुर के सीएमएचओ कार्यालय में अटैच किया गया है। यह कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए की गई है।
फर्जी दस्तावेजों से हुआ खेल
Chhattisgarh Nurses Council Scam में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। जांच में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो नियमों के अनुरूप नहीं थे।
इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिश की गई, जिससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।
प्रणाली पर उठे सवाल
नर्सिंग काउंसिल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक निगरानी की कमी को दर्शाती हैं।
यह मामला यह भी दिखाता है कि यदि समय रहते जांच न हो, तो इस तरह की अनियमितताएं लंबे समय तक जारी रह सकती हैं।
आगे की कार्रवाई
अब पुलिस जांच आगे बढ़ेगी और आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
संभावना है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
Chhattisgarh Nurses Council Scam ने स्वास्थ्य विभाग और नर्सिंग काउंसिल की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई वित्तीय अनियमितताएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।
अब यह देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करती हैं और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।
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