छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल फिर 14 दिन के लिए भेजे गए जेल, 15 सितंबर तक रिमांड बढ़ी
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की प्रत्येक पेशी में एक और अध्याय जुड़ता जा रहा है। शुक्रवार को ईडी की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पेशी में कोर्ट ने उनकी न्यायिक रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ा दी। बता दें कि यह चैतन्य की चौथी पेशी थी। 14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया गया।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने CBI और ED की जांच के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया और हाईकोर्ट जाने की सलाह दी।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता ED की कार्रवाई और पीएमएलए कानून की वैधानिकता को चुनौती देना चाहते हैं, तो इसके लिए अलग याचिका दाखिल करें। अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 अगस्त को होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को भी मामले की जल्द सुनवाई के निर्देश दिए हैं।
जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि 18 जुलाई की सुबह, चैतन्य बघेल को उनके भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन ही हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला छत्तीसगढ़ के उस शराब घोटाले से जुड़ा है जिसमें कथित रूप से करोड़ों रुपये की हेराफेरी और अवैध कमाई की गई। ईडी इस पूरे प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच कर रही है, जिसमें चैतन्य बघेल का नाम सामने आया है।
अब जब न्यायिक रिमांड आगे बढ़ चुकी है और सुप्रीम कोर्ट ने भी तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है, तो आने वाले दिन इस मामले में और भी अहम हो सकते हैं।
