स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर मिलेगा सरकारी अनुदान, सरकार ने लागू किए नए नियम
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लागू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ उद्योग रोजगार एवं प्रशिक्षण अनुदान नियम’ अधिसूचित कर दिए हैं, जिससे अब उद्योगों को रोजगार सृजन और कर्मचारियों के कौशल विकास के आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। नई व्यवस्था में अनुदान की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, भुगतान और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
रोजगार देने वाले उद्योगों को ही मिलेगा अनुदान
नए नियमों के अनुसार केवल वही औद्योगिक इकाइयां सरकारी अनुदान की पात्र होंगी, जो उत्पादन या सेवा कार्य शुरू करने के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराएंगी। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों का ईपीएफओ (EPFO) में पंजीकरण अनिवार्य रहेगा, ताकि रोजगार संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जा सके।
स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना होगी जरूरी
सरकार ने उद्योगों के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार देना अनिवार्य किया है। नियमों के मुताबिक अकुशल श्रेणी के सभी पदों पर, कुशल श्रेणी के कम से कम 70 प्रतिशत पदों पर तथा प्रबंधकीय एवं प्रशासनिक पदों पर न्यूनतम 40 प्रतिशत नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों की करनी होंगी। उद्योगों को इस संबंध में शपथ-पत्र भी देना होगा।
इसके अलावा दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त अग्निवीर, आत्मसमर्पित नक्सली और नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान का भी प्रावधान रखा गया है।
पांच वर्षों तक रोजगार बनाए रखना होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों को व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने या अंतिम अनुदान स्वीकृति (जो बाद में हो) से अगले पांच वर्षों तक निर्धारित अनुपात में रोजगार बनाए रखना होगा। यदि किसी उद्योग ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया और रोजगार का प्रतिशत घट गया, तो सरकार अनुदान की राशि वापस लेने या अन्य देय भुगतान से समायोजित करने का अधिकार रखेगी।
read more : EXCLUSIVE: छत्तीसगढ़ में कहां-कहां चला बुलडोजर? जानिए किस जिले में कितने घर टूटे, पूरी रिपोर्ट
गलत जानकारी देने पर ब्याज सहित होगी वसूली
अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं। यदि कोई उद्योग गलत जानकारी देकर या तथ्य छिपाकर अनुदान प्राप्त करता है, तो उससे पूरी राशि 12.5 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वसूल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इस राशि की वसूली भू-राजस्व बकाया की तरह भी की जा सकेगी।
प्रशिक्षण पर भी मिलेगी वित्तीय सहायता
कर्मचारियों के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण अनुदान का प्रावधान किया गया है। प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति दो चरणों में दी जाएगी। पहली किस्त नियुक्ति के एक वर्ष बाद और दूसरी छह महीने बाद जारी होगी। प्रत्येक किस्त में औसत मासिक वेतन का 50 प्रतिशत या अधिकतम 7,500 रुपये (जो कम हो) तक सहायता मिलेगी।
ऑनलाइन आवेदन और तय समय सीमा
सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मूल निवासी प्रमाण-पत्र, नियुक्ति आदेश, आधार कार्ड, ईपीएफओ पंजीयन, सीए द्वारा प्रमाणित वेतन विवरण सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि आवेदन में कोई कमी पाई जाती है तो उसे 15 दिनों के भीतर सुधार के लिए लौटाया जाएगा। वहीं 60 दिनों के भीतर त्रुटियां दूर नहीं होने पर आवेदन स्वतः निरस्त माना जाएगा।
