छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता क्या है? शराब पर ध्यान, बेरोजगार youth पर पर्दा! क्या यही है विकास?
छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार लगातार शराब के नियमों में बदलाव कर रही है और शराब के कारोबार को बढ़ावा दे रही है। राज्य में हर दिन नए-नए शराब की दुकानों के उद्घाटन हो रहे हैं, साथ ही अब विदेशी शराब के लिए भी विशेष लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसे समय में जब प्रदेश के युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो सरकार उनकी किस प्रकार मदद कर रही है?
विदेशी शराब के लिए नए नियम, लेकिन युवाओं के लिए कोई नौकरी नहीं!
जब देश और प्रदेश में लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, तो सरकार शराब की दुकानों और बार के लिए नए नियम बना रही है। क्या सरकार ने कभी यह सोचा है कि अगर शराब का कारोबार इतना फल-फूल रहा है, तो उसके माध्यम से युवाओं को रोजगार कैसे दिया जा सकता है? किन्तु वर्तमान में प्रदेश में युवाओं के लिए वैकेंसी न के बराबर हैं। बेरोजगारी के इस दौर में युवाओं को मिली-भगत वाली भत्ता योजनाओं से ज्यादा रोजगार चाहिए।
महिलाओं को आर्थिक मदद, लेकिन रोजगार के अवसर कहां?
सरकार महिलाओं को हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपये जैसी आर्थिक मदद जरूर दे रही है, जो एक सकारात्मक कदम है। लेकिन क्या यह आर्थिक मदद युवाओं और महिलाओं को स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है? महिलाओं को केवल आर्थिक भत्ता देने से ज्यादा जरूरी है उन्हें रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना, जिससे वे खुद अपनी जिंदगी बेहतर बना सकें।
शिक्षा नीति में योजनाएं, पर परिणाम नहीं
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार नई-नई योजनाएं बना रही है, बेहतर शिक्षा नीति की बात की जा रही है, लेकिन यह सब जमीन पर नजर नहीं आ रहा। स्कूलों की स्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, और छात्रों की वास्तविक प्रगति में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। नई नीतियां केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं, जिसका असर आम लोगों तक पहुंच नहीं पाता।
सवाल सरकार से:
शराब की दुकानों और बार के लाइसेंस तो बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन क्या इन्हीं से युवाओं को रोजगार मिल रहा है?
विदेशी शराब के लिए लाइसेंसिंग बढ़ाने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में क्या सुधार होगा?
बेरोजगार युवाओं के लिए नई वैकेंसी कब आएंगी और रोजगार के लिए सरकार की क्या ठोस योजना है?
क्या सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए कोई कार्यक्रम शुरू किया है?
महिलाओं को भत्ता देना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें स्थायी रोजगार दिलाने की क्या योजना है?
शराब का कारोबार बढ़ाना ठीक है, लेकिन क्या इसके सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभावों पर भी विचार हो रहा है?
छत्तीसगढ़ सरकार से अपील:
छत्तीसगढ़ सरकार को चाहिए कि वह शराब के कारोबार को बढ़ावा देने के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार सृजन पर भी गंभीरता से काम करे। केवल आर्थिक भत्ता देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि युवाओं को कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और प्रदेश का विकास समग्र रूप से हो।
✒️ MK
