शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई, दोषी पाए जाने पर होगी FIR और बर्खास्तगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब सरकारी स्कूलों में शराब पीकर आने वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा मंत्री का सख्त संदेश

मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ी है। कई शिक्षकों के नशे की हालत में क्लास लेने या छात्रों के बीच शराब पीने के वीडियो और तस्वीरें वायरल हुए हैं। अब ज़िला शिक्षा अधिकारियों को औपचारिक निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि जांच में दोषी पाए जाने पर तुरंत बर्खास्तगी और एफआईआर की जाए।

नशे में असामाजिक हरकतों के कई मामले

मंत्री ने बताया कि कई शिक्षक नशे में न सिर्फ पढ़ाई से लापरवाह हुए, बल्कि गाली-गलौज, यौन उत्पीड़न और छात्रों से जबरन काम करवाने जैसी घटनाओं में शामिल पाए गए। कई मामलों में पहले भी निलंबन या जेल भेजने जैसी कार्रवाई हुई है, लेकिन अब शराब पीकर स्कूल आने मात्र पर ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाल के कुछ उदाहरण

  • बिलासपुर, मस्तुरी: मचहा प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक एलबी संतोष कुमार केंवट को कक्षा में शराब पीने और हंगामा करने पर बर्खास्त किया गया।
  • सरगुजा, लखनपुर: शिक्षक शैलेंद्र सिंह पोर्ते नशे में स्कूल पहुंचा, ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में दोषी पाया गया।
  • राजनांदगांव, चिपरा: हेडमास्टर सरजूराम ठाकुर कोल्ड ड्रिंक की बोतल में शराब लाकर स्कूल में पीता था। शिकायत पर उसे दूसरी बार निलंबित किया गया।
  • करतला, परसाभांठा: हेडमास्टर चंद्रपाल पैकरा रोज नशे में स्कूल आकर क्लासरूम में सोता मिला।
  • जशपुर, बगीचा: प्राचार्य सुधीर कुमार बरला को छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • राजनांदगांव, मोहबा: प्रधान पाठक नेतराम वर्मा छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित और बाद में जेल भेजा गया।

अब कोई ढिलाई नहीं

सरकार का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती हैं और बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसलिए “शराब पीकर स्कूल आना ही अब आपराधिक कृत्य माना जाएगा”, और दोषी पाए जाने पर तुरंत बर्खास्तगी और एफआईआर दर्ज होगी।

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