दिल्ली में हिड़मा समर्थन नारों पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को बस्तर बुलाया, बोले- “बच्चे बस्तर आएं
रायपुर। नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शनकारियों द्वारा उसके समर्थन में लगाए गए नारों पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें बस्तर आने का न्योता दिया है। शर्मा ने कहा कि ये युवा भ्रमित हैं और उन्हें बस्तर की वास्तविकता दिखाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इसी बीच, माओवादी संगठन MMC जोन (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी) के पत्र पर शर्मा ने कहा कि 15 फरवरी तक का लंबा समय जरूरी नहीं, 10-15 दिन पर्याप्त हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर सख्ती को सीएम विष्णुदेव साय का “सुदर्शन चक्र” बताया।
प्रदूषण विरोध में हिड़मा के पोस्टर, 23 गिरफ्तार
23 नवंबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन में अचानक नक्सली कमांडर हिड़मा के समर्थन में नारे लगने लगे। प्रदर्शनकारियों ने “हिड़मा अमर रहे”, “कितने हिड़मा मारोगे, हर घर से हिड़मा निकलेगा”, “लाल सलाम” और “जल-जंगल-जमीन की लड़ाई जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। हाथों में हिड़मा के पोस्टर और स्केच लिए युवा-युवतियां केंद्र व दिल्ली सरकार के खिलाफ भड़कीं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पेपर स्प्रे से हमला भी हुआ। दिल्ली पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, बैरिकेड तोड़ने और हमले की धाराओं में FIR दर्ज कर 23 लोगों को गिरफ्तार किया। वीडियो वायरल होने से विवाद बढ़ गया। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे “अर्बन नक्सल्स” का काम बताया।
“बस्तर आओ, 25 साल के युवाओं से मिलो जो टीवी तक नहीं देख पाए”
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वीडियो देखने के बाद कहा, “ये छोटे बच्चे हैं, भड़काए गए हैं। असलियत से अनजान हैं। बस्तर आकर 25 साल के युवाओं से मिलें, जिन्होंने कभी टीवी नहीं देखा। दिल्ली में बैठकर बरगलाना बंद करें।” उन्होंने बस्तर के विकास का जिक्र किया: “पहले बिजली-पानी-सड़क से वंचित था, अब बदलाव आया। माओवाद उचित नहीं। बंदूक-तोप से चलने वाली सरकार नहीं चाहिए। भारत का लोकतंत्र सबसे बड़ा है, इसे बचाएं।” शर्मा ने युवाओं से अपील की कि चीजें समझें और भ्रम न फैलाएं।
हिड़मा (1 करोड़+ इनामी) 18 नवंबर को आंध्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर एनकाउंटर में मारा गया था। वह दंतेवाड़ा नरसंहार (2010, 76 जवान शहीद), झीरम घाटी (2013, 27 मौतें) और सुकमा-बीजापुर (2021, 22 शहीद) का मास्टरमाइंड था।
15 फरवरी तक युद्धविराम की मांग, डिप्टी सीएम ने कहा- 10-15 दिन काफी
हिड़मा की मौत के बाद MMC जोन के प्रवक्ता अनंत ने 23 नवंबर को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा। इसमें सामूहिक सरेंडर की इच्छा जताई गई और 15 फरवरी 2026 तक युद्धविराम का समय मांगा। पत्र में पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा के सरेंडर का जिक्र है। संगठन ने सुरक्षा अभियान रोकने और पुनर्वास योजना स्वीकार करने की बात कही।
शर्मा ने पत्र और ऑडियो देखने के बाद कहा, “15 फरवरी का लंबा समय जरूरी नहीं। 10-15 दिन पर्याप्त। कंक्रीट प्रस्ताव दें तो सरकार सहयोग करेगी।” उन्होंने पत्र की सत्यता जांचने का जिक्र किया। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा, “पत्र सही है तो निरस्त्रीकरण हो, वरना सरकार स्पष्ट करे।” डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, “सरकार नक्सल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध।”
“जीरो टॉलरेंस नीति, सीएम साय का अभियान”
प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार कार्रवाई को शर्मा ने “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुदर्शन चक्र” बताया। उन्होंने कहा, “जीरो टॉलरेंस सरकार की नीति है। भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।” हाल ही में पीएम आवास घोटाला, धान खरीदी अव्यवस्था और अन्य मामलों में कई अफसर निलंबित हो चुके हैं।
यह बयान नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सरकारी रणनीति को दर्शाता है। केंद्र ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। 2025 में 300+ नक्सली मारे गए, 1,300+ सरेंडर कर चुके। शर्मा ने युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील दोहराई।
