Chhattisgarh Bus Fare Hike: डीजल कीमतों के बीच बस किराया बढ़ाने की मांग, रायपुर से जगदलपुर तक सफर हो सकता है महंगा

Chhattisgarh Bus Fare Hike

 यातायात महासंघ ने सरकार से बस किराया बढ़ाने की मांग की है। डीजल कीमतों में बढ़ोतरी के बीच रायपुर से जगदलपुर और दुर्ग रूट पर किराया महंगा हो सकता है।

Chhattisgarh Bus Fare Hike को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है। लगातार बढ़ती डीजल कीमतों और बस संचालन खर्च में इजाफे के कारण महासंघ ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग की है। इस संबंध में महासंघ के पदाधिकारी परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

महासंघ का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बस संचालन से जुड़े सभी खर्च लगातार बढ़े हैं, लेकिन किराए में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई। ऐसे में बस ऑपरेटर आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और वर्तमान किराया व्यवस्था में संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है।

 

सितंबर 2021 के बाद नहीं बढ़ा किराया

यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैयद अनवर अली ने बताया कि प्रदेश में आखिरी बार सितंबर 2021 में यात्री किराए में वृद्धि की गई थी। इसके बाद डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन किराया नहीं बढ़ाया गया।

Chhattisgarh Bus Fare Hike की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि बीते 15 दिनों में ही डीजल के दाम चार बार बढ़ चुके हैं। डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर बस संचालन पर पड़ रहा है। इसके अलावा बसों के टायर, इंश्योरेंस, स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत और कर्मचारियों के वेतन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।

 

बस संचालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

महासंघ के अनुसार परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर कई सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं, जिनका पालन करना बस संचालकों के लिए अनिवार्य है। इनमें व्हीकल फिटनेस, सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे नियम शामिल हैं।

इन सभी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। बस संचालकों का कहना है कि मौजूदा किराया संरचना में इन खर्चों को संभालना बेहद मुश्किल हो गया है।

Chhattisgarh Bus Fare Hike को लेकर महासंघ ने सरकार से कहा है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो कई बस ऑपरेटरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

 

सामान्य और एसी बसों के किराए में बढ़ोतरी की मांग

यातायात महासंघ ने सरकार से सामान्य यात्री बसों के किराए में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की मांग की है। वहीं डीलक्स और एसी बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी गई है।

महासंघ का कहना है कि 11 मार्च 2025 की अधिसूचना के बाद यात्री किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी की गई थी, जबकि उसी दौरान डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि होती रही। इससे प्रदेश के 90 प्रतिशत से ज्यादा बस संचालक आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं।

 

रायपुर से जगदलपुर और दुर्ग का किराया बढ़ सकता है

Chhattisgarh Bus Fare Hike लागू होने पर यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैयद अनवर अली ने बताया कि वर्तमान में रायपुर से जगदलपुर का बस किराया लगभग 600 रुपए है, जो बढ़कर 700 से 750 रुपए तक पहुंच सकता है।

इसी तरह रायपुर से दुर्ग का वर्तमान किराया करीब 50 रुपए है, जो बढ़ोतरी के बाद लगभग 75 रुपए तक हो सकता है। अन्य रूटों पर भी किराए में बदलाव देखने को मिल सकता है।

 

सरकार से स्थायी किराया नीति बनाने की मांग

महासंघ ने सरकार से मांग की है कि सितंबर 2021 की किराया वृद्धि संबंधी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए। साथ ही डीजल की कीमतों के आधार पर किराए में स्वत: वृद्धि या कमी का स्थायी नियम बनाया जाए।

बस संचालकों का कहना है कि यदि डीजल के दाम लगातार बदलते रहते हैं, तो किराया भी उसी हिसाब से तय होना चाहिए। इससे बस ऑपरेटरों और यात्रियों दोनों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बन सकेगी।

 

Chhattisgarh Bus Fare Hike

यात्रियों पर बढ़ सकता है आर्थिक असर

यदि सरकार महासंघ की मांग मान लेती है, तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बस यात्रा महंगी हो सकती है। खासकर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और लंबी दूरी के यात्रियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

Chhattisgarh Bus Fare Hike को लेकर फिलहाल सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है, लेकिन महासंघ ने जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। अब देखना होगा कि सरकार बस ऑपरेटरों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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