Bilaspur Wild Boar Meat Case: जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री का खुलासा, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

Bilaspur Wild Boar Meat Case

Bilaspur Wild Boar Meat Case में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 किलो संदिग्ध मांस जब्त किया है। मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

वन विभाग की कार्रवाई में 14 किलो संदिग्ध मांस जब्त

Bilaspur Wild Boar Meat Case में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर के कोटा परियोजना मंडल अंतर्गत रतनपुर के जूनाशहर क्षेत्र में जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है।

वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 14 किलोग्राम संदिग्ध मांस जब्त किया है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

 

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जूनाशहर क्षेत्र में जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री की जा रही है।

इसके बाद 17 मई को वन विभाग की टीम ने वार्ड क्रमांक 15 निवासी सूरज मरावी के घर पर दबिश दी।

Bilaspur Wild Boar Meat Case में कार्रवाई के दौरान तलाशी वारंट जारी किया गया और पुलिस बल, स्थानीय पार्षद, पंचगण तथा आसपास के लोगों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई।

 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

तलाशी के दौरान वन विभाग को 14 किलो संदिग्ध मांस बरामद हुआ, जिसे मौके पर जब्त कर लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।

Bilaspur Wild Boar Meat Case में जब्त मांस के नमूनों को लैब परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है।

 

शेष मांस को सुरक्षित तरीके से किया गया नष्ट

वन विभाग के अनुसार जब्त मांस के बाकी हिस्से को केंद्रीय रोपणी भैंसाझार में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Bilaspur Wild Boar Meat Case को वन अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

 

Bilaspur Wild Boar Meat Case

वन सुरक्षा अभियान लगातार जारी

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा प्रदेशभर में वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण, शिकार और उत्खनन रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

प्रबंध संचालक प्रेमकुमार के निर्देश पर सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही है।

Bilaspur Wild Boar Meat Case की कार्रवाई भी इसी विशेष अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

 

अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह और मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।

परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू के नेतृत्व में वन विभाग, क्षेत्ररक्षक और सुरक्षा कर्मचारियों ने अभियान को अंजाम दिया।

Bilaspur Wild Boar Meat Case में शामिल टीम की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।

 

वन अपराध के खिलाफ सख्त निर्देश

प्रबंध संचालक प्रेमकुमार ने वन अपराध के खिलाफ तत्परता से कार्रवाई करने वाली टीम की प्रशंसा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आगे भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि वन और वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के योगदान को गोपनीय प्रतिवेदन में भी शामिल किया जाएगा।

 

वन्यजीव संरक्षण को लेकर बढ़ाई जा रही निगरानी

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वन अपराध से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।

Bilaspur Wild Boar Meat Case ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण को लेकर सख्त निगरानी की जरूरत को सामने ला दिया है।

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